कानूनी दस्तावेजों में पीड़ित की पहचान गुप्त रखने के लिए उसे 'जॉन डो' का नाम दिया गया है।
मुकदमे के अनुसार, लोर्ना हजदीनी ने पीड़ित के साथ कई बार दुर्व्यवहार किया। हजदीनी ने शादीशुदा पीड़ित को 'ब्राउन बॉय इंडियन' कहकर संबोधित किया। आरोप है कि हजदीनी ने यौन संबंधों के लिए पीड़ित को 'रोहिप्नोल' दिया, जिसे आमतौर पर 'डेट-रेप ड्रग' के रूप में जाना जाता है। साथ ही, उत्तेजना बढ़ाने वाली दवाइयां भी जबरन दी गईं। जब पीड़ित ने गैर-सहमति वाले और अपमानजनक यौन कृत्यों से इनकार किया, तो हजदीनी ने उसकी नौकरी और प्रमोशन खाने की धमकी दी।
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, यौन दुर्व्यवहार की शुरुआत 2024 (मार्च-मई के आसपास) में हुई जब दोनों ने एक साथ काम करना शुरू किया। एक दिन हजदीनी ने जानबूझकर पीड़ित की डेस्क के पास अपनी कलम गिरा दी। कलम उठाने के बहाने उसने पीड़ित के पैर को सहलाया और कहा, "ओह, क्या तुम कॉलेज में बास्केटबॉल खेलते थे? मुझे बास्केटबॉल खिलाड़ी बहुत पसंद हैं, वे मुझे बहुत उत्तेजित करते हैं।"
जब हजदीनी ने पीड़ित को ड्रिंक्स के लिए इनवाइट किया और उसने मना कर दिया, तो हजदीनी ने खुलेआम धमकी दी। उसने कहा- अगर तुमने जल्द ही मेरे साथ सेक्स संबंध नहीं बनाए, तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी, कभी मत भूलना, तुम मेरे गुलाम हो।
सितंबर 2024 में, हजदीनी ने पीड़ित के कामुकता के साथ-साथ उसकी पेशेवर क्षमता पर भी सवाल उठाए और कहा: तुम्हें क्या लगता है मैनेजमेंट किसी 'ब्राउन बॉय इंडियन' को ओरिजिनेशन लीड करने देगा? अगर तुमने आज रात मेरे साथ सेक्स नहीं किया, तो मैं तुम्हारा प्रमोशन रोक दूंगी।
डर और दबाव के कारण पीड़ित को झुकना पड़ा, हालांकि शुरुआत में उसके विरोध की आवाजें बगल के कमरे में ठहरे एक गवाह ने भी सुनी थीं।
मुकदमे में एक और खौफनाक घटना का जिक्र है जब हजदीनी अचानक पीड़ित के अपार्टमेंट में पहुंच गई। उसने वहां अपनी शर्ट उतार दी और पीड़ित की पत्नी को लेकर नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा- मुझे यकीन है कि तुम्हारी छोटी 'एशियन, फिश हेड' पत्नी के पास ऐसा शरीर नहीं होगा जैसा मेरा है।
आरोप है कि इसके बाद उसने जबरन पीड़ित की पैंट उतारी और उसके साथ ओरल सेक्स किया। जब पीड़ित रोने लगा, तो हजदीनी ने उसे यह कहते हुए बुरी तरह डांटा: रोना बंद करो। तुम्हें लगता है कोई तुम्हारी बात पर विश्वास करेगा? तुम एक घटिया इंसान हो जो खुद को बहुत महान समझता है, लेकिन मेरे लिए उत्तेजित भी नहीं हो पा रहा है?
हजदीनी ने अपने वकीलों के माध्यम से 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को दिए गए एक बयान में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने 'जॉन डो' के साथ कभी कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया है और वह उस जगह पर भी कभी नहीं गईं जहां कथित यौन उत्पीड़न होने का दावा किया गया है।
मई 2025 में, पीड़ित 'जॉन डो' ने जेपी मॉर्गन को लिखित शिकायत देकर नस्ल, लिंग आधारित भेदभाव, उत्पीड़न और 'गंभीर यौन शोषण' की जानकारी दी। हालांकि, बैंक ने उसके दावों को खारिज कर दिया। JPMC के एक प्रवक्ता ने बताया: जांच के बाद, हमें इन दावों में कोई सच्चाई नहीं मिली। जहां कई कर्मचारियों ने जांच में सहयोग किया, वहीं शिकायतकर्ता (पीड़ित) ने भाग लेने से इनकार कर दिया और उन तथ्यों को देने से मना कर दिया जो उसके आरोपों को साबित करने के लिए मुख्य थे।
पीड़ित के वकील, डेनियल जे कैसर के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने उनके मुवक्किल को व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से पूरी तरह से तोड़ दिया है। जहां लोर्ना हजदीनी अभी भी उसी कंपनी में कार्यरत हैं, वहीं पीड़ित को दूसरी नौकरी नहीं मिल पा रही है। वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल आय के नुकसान, भावनात्मक संकट और प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। साथ ही बैंक की नीतियों में बदलाव की भी गुहार लगाई गई है।
लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक: 37 वर्षीय लोर्ना जेपी मॉर्गन में लगभग 15 वर्षों से काम कर रही हैं और वर्तमान में लेवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन में कार्यकारी निदेशक हैं। उन्होंने NYU स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंस और स्टैटिस्टिक्स में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री ली है और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल प्रोग्राम भी किया है। जेपी मॉर्गन से पहले, उन्होंने ग्लेज़र कैपिटल मैनेजमेंट और ट्यूडर इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन में भी इंटर्नशिप की थी। वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर उनके पिछले कार्यकाल में उन्हें कंज्यूमर, रिटेल, फार्मा और एयरोस्पेस जैसे प्रमुख सेक्टर्स में काम करने का अनुभव है।

