पुर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर जानलेवा हमला हुआ है. 2 अगस्त यानी आज शाम जब वो दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तभी वहां एक संदिग्ध व्यक्ति चाकू लेकर पहुंच गया.
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते उसे तुरंत दबोच लिया. फिर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया. संदिग्ध के पास से मिले चाकू की तस्वीरें व वीडियो भी सामने आए हैं.
इस जानलेवा हमले की कोशिश के बाद पप्पू यादव ने कहा कहा उन्हें जान से मारने की कोशिश हुई है. बाबा रोज कह रहे हैं, 'मुझे मार दो, जला दो, हम 51 लाख रुपये देंगे.' हमने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. मेरी हत्या की साजिश थी, लेकिन मैं बच गया.'
दिल्ली के पुलिस के अनुसार पप्पू यादव के यहां घुसने वाले शख्स का नाम सुमित है, उसकी उम्र 34 साल है. बुलंदशहर का रहने वाला है. सुमित ने पप्पू यादव को जूता फेंककर मारा, तभी उसे पकड़ लिया गया. पुलिस के मुताबिक जब सुमित को पप्पू यादव के समर्थकों ने सौंपा तो उसके साथ में एक चाकू भी सौंपा था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह चाकू लेकर आया था या नहीं. पुलिस ने बताया कि सुमित के मन में संतों के अपमान को लेकर नाराजगी थी.
दरअसल, पप्पू यादव पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में हैं. हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए संसद परिसर में एक अनोखा प्रदर्शन किया था.
इस प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी बने थे, जबकि राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें दान दिया. इसके बाद पप्पू यादव दानपेटी लेकर भागने का नाटक करने लगे और विपक्षी सांसदों ने उन्हें पकड़ा था.
पप्पू यादव द्वारा किए गए इस 'स्वांग' (ड्रामा) को लेकर सनातन धर्म के अनुयायियों और साधु-संतों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. कई साधु-संतों ने पप्पू यादव के इस कृत्य को सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है.
इस मामले में वाराणसी पुलिस ने शिकायत पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इसे लेकर उन्होंने कहा था कि क्या उन्हें भगवा पहनने का अधिकार नहीं है? जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कभी एफआईआर से नहीं डरे, तो पप्पू यादव कैसे डर सकते हैं? सांसद ने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म और भगवान के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ यदि आस्था की रक्षा करते हुए उन्हें अपनी जान भी देनी पड़े, तो वे हर दिन मौत का सामना करने के लिए तैयार होकर घर से निकलते हैं.

