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फ्रैक्चर होने तक चुपचाप कमजोर होती रहती हैं हड्डियां, आपकी प्लेट की कौन सी चीज घटा सकती है खतरा'

फ्रैक्चर होने तक चुपचाप कमजोर होती रहती हैं हड्डियां, आपकी प्लेट की कौन सी चीज घटा सकती है खतरा'

ब हड्डियों का कमजोर होना 30 या 40 की उम्र से शुरू हो जाता है। जब तक फ्रैक्चर या डेक्सा स्कैन नहीं होता, तबतक इस समस्या का पता नहीं चलता। लेकिन आप हड्डियों की कमजोरी को शुरुआत में ही पकड़कर रिवर्स कर सकते हैं और वो भी सिर्फ खाने और लाइफस्टाइल की मदद से।
कपाड़िया हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर राहुल मोदी ने अपने अनुभवों के आधार पर हड्डियों की कमजोरी दूर करने के आसान साधन बताए हैं।

हड्डियां जिंदा टिश्यूज से बनी होती हैं और लगातार टूटकर दोबारा से बनती रहती हैं। जब बनने से ज्यादा टूटने लगें तो ऑस्टियोपेनिया हो जाता है। इसे दूर करने के लिए आपको केवल कैल्शियम टैबलेट की जरूरत नहीं होती, बल्कि पोषण की कमी को भरना होता है। हड्डियों के लिए कैल्शियम और विटामिन डी दोनों ही जरूरी है, इसके साथ प्रोटीन, कई सारे मिनरल्स भी चाहिए।कौन कौन से मिनरल्स चाहिए?
  • कैल्शियम
  • विटामिन डी
  • फोस्फोरस
  • पोटैशियम
  • जिंक
  • आयरन
  • कॉपर
  • विटामिन-के​

कैसे मिलेंगे ये पोषक तत्व

केवल कैल्शियम लेने से बात नहीं मिलेगी, इसके साथ आपको दूसरे पोषक तत्व भी चाहिए। इसके लिए दूध, दही, छाछ, लस्सी को नाश्ते और डिनर का फिक्स हिस्सा बनाएं। साथ में रागी की खिचड़ी या दलिया, रागी डोसा, रागी रोटी दिन में एक बार जरूर खाएं। थोड़ी मात्रा में तिल, अलसी के बीज, मुट्ठीभर बादाम, अखरोट लें।


विटामिन डी

अंडे का पीला भाग, ऑयली फिश, फोर्टिफाइड दूध लें। सब्जी को थोड़ा तेल में बनाएं ताकि विटामिन डी और दूसरे फैट सॉल्यूबल विटामिन सोख सके। कैल्शियम से भरी डाइट के साथ रोज 15 से 30 मिनट की धूप लें। जिसमें हाथ-पैर पर धूप अच्छे से पड़े।


प्रोटीन

दाल, दही, पनीर, अंडा, सोया या मछली खाएं। सीरियल्स के साथ दाल का सेवन करें ताकि अमिनो एसिड मिले। इससे हड्डियों का कोलेजन बढ़ता है। कम मसल्स वाले बुजुर्गों को खासतौर से हर दिन शारीरिक वजन के प्रति 1 किलोग्राम पर 1 से 1.2 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।


रंग बिरंगी सब्जी-फल
  • रोज 2 से 3 कप सब्जियां खाएं
  • पालक, मेथी, चौलाई और अमरंथ जैसी 1 कप हरी पत्तेदार सब्जी लें
  • 1-2 फल खाएं, खासतौर से आंवला, संतरा, अमरूद, पपीता, नींबू जैसे विटामिन सी वाले फल​

अनाज

चावल और मैदा की जगह हफ्ते में कम से कम 3 से 4 बार रागी, ज्वार, बाजरा, ओट्स जैसे साबुत अनाज खाएं। रोज दूध, दही के साथ नट्स और सीड्स लें ताकि भरपूर कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट मिलें।


ये गलतियां ना करें
  • फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन सी के बिना केवल कैल्शियम के पीछे ना भागें
  • प्लेट में हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज खाएं
  • नमक, अचार, मीठे फूड से दूर रहें
  • महिलाएं, किशोर, बुजुर्ग और कम भूख वाले पोषण पर ज्यादा ध्यान दें
  • जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लें​

डाइट के अलावा क्या ध्यान दें
  • हफ्ते में 5 दिन 30 से 45 मिनट रनिंग, जॉगिंग, रस्सी कूद जैसी वेट बियरिंग एक्सरसाइज करें
  • हफ्ते में 2 से 3 बार वेट ट्रेनिंग करें
  • योगा करें
  • धूप लें
  • स्मोकिंग, शराब, सोडा, अत्यधिक कॉफी-नमक-चाय से दूर रहें
  • 7 से 8 घंटे की नींद लें
  • तनाव कम करने के लिए डीप ब्रीदिंग, मेडिटेशन करें
  • शरीर का वजन हेल्दी रखें
  • थायरॉइड बैलेंस रखें

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।​
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