बिहार के हाजीपुर से एक ऐसा सनसनीखेज पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस मामले ने लोगों को उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित 'एसडीएम ज्योति मौर्य' कांड की याद दिला दी है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर सरकारी शिक्षिका बनी गुंजन कुमारी पर उनके पति अमन कुमार ने बेवफाई और धोखा देने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
पति अमन कुमार का दर्द सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए छलक रहा है। उनका दावा है कि जिस पत्नी को पढ़ाने-लिखाने के लिए उन्होंने दिन-रात मजदूरी की, अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी, उसी पत्नी ने सरकारी नौकरी मिलते ही उन्हें दूध में से मक्खी की तरह निकाल फेंका। गुंजन कुमारी और उनके पति अमन कुमार के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद अब सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया है।
अमन कुमार के आरोपों और गुंजन कुमारी के जवाबों के बीच सच्चाई क्या है, इसका फैसला अदालत को करना है। फिलहाल दोनों के बीच करीब डेढ़ साल से कानूनी लड़ाई जारी है। लेकिन अब फिर से अमन और गुंजन ने अपनी तरफ से चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। आइए इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे और बेवफाई की इस कहानी का पूरा सच सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।
इस कहानी की शुरुआत साल 2013 में हुई थी, जब नवंबर के महीने में अमन कुमार और गुंजन कुमारी की शादी अरेंज मैरिज के तौर पर हुई थी। गुंजन के मामा ने इस रिश्ते को तय कराया था। शादी के वक्त गुंजन सिर्फ इंटरमीडिएट (12वीं) पास थीं और वह फर्स्ट डिवीजन से पास हुई थीं।
अमन कुमार ने बताया, 'मेरी शादी 2013 में गुंजन कुमारी से हुई थी। यह शादी उसके मामा ने तय की थी। शादी के समय उसने इंटरमीडिएट पास कर लिया था। अच्छे नंबरों के कारण उसने आगे पढ़ने की इच्छा जताई। इसलिए मैंने उसकी पढ़ाई जारी रखने में मदद की। मेरे पिता ने भी इसमें उसका साथ दिया।'
अमन के मुताबिक, उन्होंने गुंजन को पहले ग्रेजुएशन (बीए) कराया और जब गुंजन ने आगे बीएड (B.Ed) करने की इच्छा जताई, तो उन्होंने उसमें भी पूरा सपोर्ट किया। उनका कहना है कि परिवार ने सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि ब्यूटीशियन कोर्स तक कराने में मदद की ताकि भविष्य में आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।
अमन कुमार का कहना है कि उन्होंने और उनके परिवार ने गुंजन को एक बहू नहीं, बल्कि बेटी की तरह आगे बढ़ाया। साल 2018 में अमन के माता-पिता का देहांत हो गया, जिसके बाद गुंजन ने गांव छोड़कर शहर में रहने की जिद पकड़ ली।
अमन ने आरोप लगाते हुए बताया, 'इसी बीच 2018 में हमारे माता पिता का देहांत हो गया। माता-पिता का देहांत होने के बाद गुंजन ने कहा कि अब हम गांव में नहीं रहेंगे। हमें पढ़ाई करनी है तो हमको लेकर हाजीपुर में रहो। उसने जैसा-जैसा कहा हम करते रहे। जरूरत पड़ने पर हमने अपने हिस्से की पुश्तैनी जमीन भी बेच दी। साथ ही उसे ब्यूटीशियन का भी कोर्स कराया, ताकि अगर मुझे कुछ हो जाए तो वो बच्चे की देखभाल कर सके। हमारा कभी झगड़ा भी नहीं होता था।'

