रेलवे में लोको पायलट के पद पर चयनित होने के बाद रंजिश मान रहे पिता-पुत्र ने युवक अशोक को गोली मार दी। गोली कान पर लगी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आरोपी रेलवे में चयनित हाेने के बाद से रंजिश मान रहे थे।
युवक का हाल गंभीर बनी हुई है। घटना से गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह है पूरा मामला
मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र के उत्तम पुर बहलोलपुर गांव में शनिवार की शाम करीब सात बजे युवक अशोक सागर को गोली मार दी। युवक के पिता ने गांव में पड़ोस में रहने वाले रोहित और उसके पिता पर गोली मारने का आरोप लगाया है। रोहित के पिता प्रधान रहे हैं। युवक का चयन रेलवे में लोको पायलट के पद पर आरोपी चिढ़ रहे हैं।
घायल के पिता सोमपाल सिंह पीआरडी में हैं। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर के बेटे अशोक सागर का रेलवे में लोको पायलट के पद पर चयन हुआ है। बीस अप्रैल को उसे ट्रेनिंग पर जाना था। इसी बात को लेकर पूर्व प्रधान कर्मवीर और उसका बेटा रोहित, अशोक सागर से चिढ़ रहे थे।
शनिवार की रात करीब सात बजे अशोक कुमार गांव में ही जीवन सिंह के मकान के पास खड़ा था। आरोप है कि इसी दौरान वहां रोहित और उसके पिता कर्मवीर आ गया। रोहित ने तमंंचे से अशोक के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर गया।
फायरिंग की आवाज सुनकर सोमपाल और उनके दो बेटे शिव कुमार और लवकुश भी मौके पर पहुंच गए। इसी बीच आरोपी मौके से भाग गए। स्वजन घायल को लेकर कासमास अस्पताल पहुंचे और भर्ती करा दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौकेपर पहुंची और फोरेंसिक टीम भी बुला ली।
सोमपाल भाजपा नेता किशन लाल जाटव के फूफा हैं। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पिता पुत्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
दो माह पहले भी की थी मारपीट, ग्रामीणों ने करा दिया था समझौता
आरोपी पिता पुत्र नहीं चाहते थे कि अशोक कुमार नौकरी पर जाए पाए। इसी के चलते आए दिन आरोपी विवाद करते थे। बताया जाता है कि दो माह पहले भी आरोपी ने अशोक कुमार के घर पर जाकर गाली गलौज करनी शुरू कर दी। जब अशोक ने घर से निकलकर गाली गलौज का विरोध किया था तो आरोपी ने उसके मारपीट करनी शुरू कर दी थी।
हालांकि, उस समय गांव के जिम्मेदार लोगों ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता करा दिया था, लेकिन इसके बाद आरोपी बाज नहीं आ रहे हैं। एक माह पहले भी गाली गलौज की थी, लेकिन फिर से जिम्मेदार लोगों ने आरोपी के घर जाकर शिकायत की तो उन्होंने दोबारा ऐसा न करने की बात कही थी। इसी के चलते मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा था।

