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8th Pay Commission: कर्मचारियों की नई मांग का आधार बना '3490 कैलोरी' फॉर्मूला, न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने की मांग

8th Pay Commission: कर्मचारियों की नई मांग का आधार बना '3490 कैलोरी' फॉर्मूला, न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने की मांग

News Remind 4 months ago

8वें वेतन आयोग में वेतन बढ़ोतरी पर नई बहस

8वें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन संशोधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार कर्मचारी संगठनों ने केवल महंगाई या बाजार दरों का हवाला नहीं दिया है, बल्कि पोषण, कैलोरी आवश्यकता और जीवनयापन की वास्तविक लागत को आधार बनाकर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग की है।

कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि वर्तमान वेतन संरचना आज की जीवनशैली, बढ़ती महंगाई और परिवार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नहीं है। इसी कारण वे 3490 कैलोरी प्रतिदिन के वैज्ञानिक मानक के आधार पर वेतन निर्धारण की मांग कर रहे हैं।

न्यूनतम वेतन तय करने में भोजन का खर्च क्यों महत्वपूर्ण है?

हर वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य यह तय करना होता है कि एक कर्मचारी और उसके परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए न्यूनतम कितनी आय की आवश्यकता है।

इसके लिए जिन प्रमुख खर्चों को ध्यान में रखा जाता है, उनमें शामिल हैं:

  • भोजन और पोषण
  • आवास
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • शिक्षा
  • परिवहन
  • कपड़े
  • ईंधन और ऊर्जा

इन सभी में भोजन सबसे महत्वपूर्ण घटक माना जाता है क्योंकि यह जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। यदि खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं और पोषण मानक बदलते हैं, तो स्वाभाविक रूप से न्यूनतम वेतन में भी संशोधन की आवश्यकता होती है।

3490 कैलोरी फॉर्मूला क्या है?

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि पुराने वेतन आयोगों में उपयोग किए गए पोषण मानक अब समय के अनुसार पर्याप्त नहीं हैं।

नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में कहा है कि पहले वेतन निर्धारण के लिए 2700 कैलोरी प्रतिदिन का मानक अपनाया जाता था, जो वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक हो चुका है।

इसके स्थान पर यूनियनों ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) के नवीनतम आंकड़ों का हवाला दिया है, जिनके अनुसार भारी शारीरिक गतिविधि करने वाले वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 3490 कैलोरी ऊर्जा की आवश्यकता हो सकती है।

ICMR के अनुसार दैनिक कैलोरी आवश्यकता

हल्की गतिविधि (Sedentary Work)

  • पुरुष: 2110 कैलोरी
  • महिलाएं: 1660 कैलोरी

मध्यम गतिविधि (Moderate Work)

  • पुरुष: 2710 कैलोरी
  • महिलाएं: 2130 कैलोरी

भारी गतिविधि (Heavy Work)

  • पुरुष: 3470 कैलोरी
  • महिलाएं: 2720 कैलोरी

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कई सरकारी सेवाओं में लंबी ड्यूटी, लगातार यात्रा, मानसिक दबाव और शारीरिक गतिविधियां शामिल होती हैं। इसलिए वे 'भारी कार्य' श्रेणी के मानकों को आधार बनाने की मांग कर रहे हैं।

वेतन मांग के पीछे क्या है पूरा गणित?

यूनियनों ने केवल कैलोरी का तर्क नहीं दिया है, बल्कि भोजन और दैनिक जरूरतों की विस्तृत लागत का भी आकलन पेश किया है।

इसमें शामिल हैं:

  • चावल और गेहूं
  • दालें
  • दूध और डेयरी उत्पाद
  • फल और सब्जियां
  • खाद्य तेल
  • अंडे और मछली
  • मसाले और चीनी
  • ईंधन और गैस

इन खर्चों के साथ आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन की लागत को जोड़कर कर्मचारी संगठनों ने दावा किया है कि मौजूदा वेतन वास्तविक जीवनयापन खर्च को प्रतिबिंबित नहीं करता।

क्या हैं कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें?

NC-JCM द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार:

  • फिटमेंट फैक्टर 3.833 किया जाए
  • न्यूनतम वेतन लगभग ₹69,000 प्रति माह निर्धारित किया जाए

उनका तर्क है कि:

अधिक कैलोरी आवश्यकता → अधिक भोजन खर्च → अधिक मासिक पारिवारिक खर्च → अधिक न्यूनतम वेतन

AINPSEF ने भी रखा अपना प्रस्ताव

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने भी अपने ज्ञापन में समान तर्क प्रस्तुत किए हैं।

फेडरेशन के अनुसार:

  • प्रति यूनिट ₹6,000 की गणना
  • 5 पारिवारिक यूनिट के लिए कुल ₹30,000
  • लगभग 58% महंगाई भत्ता जोड़ने पर राशि ₹47,400 के आसपास पहुंचती है

स्वास्थ्य, शिक्षा और आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं को जोड़ने के बाद संगठन ने वैज्ञानिक आधार पर न्यूनतम वेतन ₹55,000 से ₹60,000 के बीच रखने का सुझाव दिया है।

किन बढ़ती कीमतों को बनाया गया आधार?

यूनियनों ने अपनी मांगों को निम्नलिखित वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती लागत से जोड़ा है:

  • दूध
  • सब्जियां
  • खाद्य तेल
  • LPG गैस सिलेंडर
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • ईंधन
  • शिक्षा
  • शहरी आवास

वेतन आयोग के फैसले का किन चीजों पर पड़ेगा असर?

यदि न्यूनतम वेतन में बड़ा बदलाव होता है, तो इसका प्रभाव केवल मूल वेतन तक सीमित नहीं रहेगा।

इसका असर पड़ेगा:

  • बेसिक पे
  • फिटमेंट फैक्टर
  • महंगाई भत्ता (DA)
  • पेंशन
  • मकान किराया भत्ता (HRA)
  • रिटायरमेंट लाभ

जारी हैं कर्मचारी संगठनों और आयोग की बैठकें

8वें वेतन आयोग ने कर्मचारी संगठनों के साथ परामर्श प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली में प्रारंभिक बैठकें पूरी हो चुकी हैं, जबकि आगे की चर्चाएं हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में आयोजित की जानी हैं।

निष्कर्ष

8वें वेतन आयोग में इस बार बहस केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है। अब चर्चा इस बात पर केंद्रित हो गई है कि आधुनिक भारत में एक परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए वास्तव में कितनी आय की जरूरत है। 3490 कैलोरी फॉर्मूला और बढ़ती जीवनयापन लागत को आधार बनाकर कर्मचारी संगठन न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। आने वाले समय में आयोग का अंतिम फैसला लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

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