अप्रैल 2026 में खरमास समाप्ति के बाद 15 से 29 तारीख तक 8 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। पंचांग के अनुसार 15 (बुधवार, त्रयोदशी), 20-21 (सोम-मंगल, तृतीया-पंचमी), 25-29 (शनि-बुध, सप्तमी-एकादशी) पर शुभ योग बनेंगे।
वैशाख शुक्ल पक्ष का संयोग सुखी दांपत्य देगा। मौसम सुहावना रहेगा, अभी बुकिंग शुरू करें। कुंडली मिलान जरूरी।
हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल 2026 में शादी का मौसम धूमधाम से शुरू होगा। खरमास 13 अप्रैल तक रहने के बाद 15 अप्रैल से विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हो जाएगा। विभिन्न ज्योतिषीय स्रोतों जैसे गणेशास्पीक्स, एस्ट्रोसेज और स्मार्टपूजा के पंचांग बताते हैं कि इस महीने कुल 8 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं, जिनमें चैत्र और वैशाख मास का संगम विशेष महत्व रखता है। अगर आप शादी की प्लानिंग कर रहे हैं, तो ये तारीखें अभी नोट कर लें, क्योंकि वेन्यू बुकिंग और कैटरिंग की होड़ लगने वाली है।
अप्रैल 2026 की शुभ विवाह तिथियां
पंचांग गणना से अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीखें विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई हैं। इनमें वैशाख शुक्ल पक्ष की तिथियां जैसे तृतीया, चतुर्थी, सप्तमी से एकादशी तक शुभ योग बनते हैं। उदाहरणस्वरूप:
| तिथि | दिन | तिथि/नक्षत्र | मुहूर्त समय (लगभग) |
|---|---|---|---|
| 15 अप्रैल | बुधवार | त्रयोदशी/उत्तराभाद्रपदा | दोपहर 3:22 से रात 10:30 तक |
| 20 अप्रैल | सोमवार | तृतीया-चतुर्थी/रोहिणी | सुबह 6:15 से शाम 5:45 तक |
| 21 अप्रैल | मंगलवार | चतुर्थी/मृगशिरा | सुबह 6:14 से दोपहर 12:30 तक |
| 25 अप्रैल | शनिवार | सप्तमी/मघा | रात 2:10 से सुबह 6:10 (26 तक) |
| 26 अप्रैल | रविवार | अष्टमी/मघा | सुबह 6:10 से रात 8:25 तक |
| 27 अप्रैल | सोमवार | नवमी/पूर्वाफाल्गुनी | रात 9:18 से 9:33 तक |
| 28 अप्रैल | मंगलवार | दशमी | रात 9:04 से आगे |
| 29 अप्रैल | बुधवार | एकादशी | शुभ योग अनुसार |
ये मुहूर्त ग्रह-नक्षत्रों के संयोग पर आधारित हैं, जहां शुक्र और गुरु की स्थिति अनुकूल रहती है।
क्यों विशेष है अप्रैल 2026?
चैत्र मास के अंत और वैशाख की शुरुआत में सूर्य का मेष राशि में प्रवेश खरमास समाप्ति का संकेत देता है। अप्रैल का सुहावना मौसम- न अधिक गर्मी, न वर्षा- शादी समारोहों के लिए आदर्श है। वैशाख शुक्ल पक्ष को मांगलिक कार्यों का राजा माना जाता है, जहां अक्षय तृतीया का प्रभाव (21 अप्रैल के आसपास) वैवाहिक जीवन को सुख-समृद्धि देता है। ज्योतिषी बताते हैं कि इन तिथियों पर लग्न शुद्धि और रवि योग बनने से दांपत्य जीवन सुखी रहता है।
सावधानियां और सलाह
सामान्य मुहूर्त शुभ हैं, लेकिन वर-वधू की जन्म कुंडली मिलान अनिवार्य है। व्यक्तिगत दशा-अंतर्दशा के आधार पर समय में बदलाव हो सकता है। इसलिए स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से परामर्श लें। अभी से वेन्यू और आभूषण बुकिंग शुरू करें, क्योंकि मार्च 2026 के मुहूर्त (जैसे 2-4 मार्च) के बाद अप्रैल की डिमांड बढ़ेगी।

