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Home Loan EMI: आरबीआई के एक फैसले से होम लोन वालों की चांदी! ईएमआई में नहीं होगा बदलाव, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

Home Loan EMI: आरबीआई के एक फैसले से होम लोन वालों की चांदी! ईएमआई में नहीं होगा बदलाव, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

News Remind 1 week ago

RBI ने रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखकर होम लोन लेने वालों को राहत दी है. इससे EMI स्थिर रहेगी, खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट बाजार को सहारा मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बढ़ती लागत, महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता के बीच स्थिरता बनाए रखने वाला कदम है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ताजा मौद्रिक नीति फैसले ने होम लोन लेने वालों और रियल एस्टेट सेक्टर, दोनों को राहत दी है. रेपो रेट को लगातार तीसरी बार 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखकर केंद्रीय बैंक ने साफ संकेत दिया है कि फिलहाल उधार महंगा नहीं होगा और EMI में कोई बढ़ोतरी नहीं आएगी.

RBI के इस कदम को बाजार ने एक संतुलित फैसला माना है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. ऐसे माहौल में दरों को स्थिर रखना अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता का संकेत देता है, खासकर तब जब घर खरीदने का फैसला लंबे समय की आय, EMI क्षमता और भरोसे पर टिका होता है.

रियल एस्टेट सेक्टर ने किया स्वागत

रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि रेपो रेट में बदलाव न होने से होम लोन की ब्याज दरें स्थिर बनी रहेंगी, जिससे मौजूदा और नए दोनों तरह के होमबायर्स को राहत मिलेगी. इससे मध्यम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, क्योंकि खरीदार EMI को लेकर ज्यादा स्पष्टता महसूस करेंगे.

विशेषज्ञों की राय

कोलियर्स इंडिया के रिसर्च हेड विमल नादर ने इस फैसले को 'वेट एंड वॉच' अप्रोच बताया है, जबकि डेवलपर्स के लिए यह योजना बनाने का बेहतर मौका माना जा रहा है. उनके मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी कीमतों का दबाव बना हुआ है, इसलिए RBI ने फिलहाल इंतजार करना बेहतर समझा. ऐसे में ब्याज दरों में स्थिरता से डेवलपर्स को अपनी प्रोजेक्ट रणनीति, फाइनेंसिंग और लॉन्च प्लानिंग में ज्यादा भरोसा मिलेगा.

डेवलपर्स के लिए भी सकारात्मक संकेत

स्क्वायर यार्ड्स के को-फाउंडर और सीएफओ पीयूष बोथरा का कहना है कि इस फैसले से होमबायर्स और सेक्टर को जरूरी अनुमान लगाने की क्षमता मिली है, जिससे मीडियन और प्रीमियम सेगमेंट में डिमांड लचीली बनी रह सकती है. क्रेडाई प्रेसिडेंट शेखर जी पटेल ने भी इसे संतुलित और समझदारी भरा कदम बताया है, जबकि गंगा रियल्टी के जेएमडी विकास गर्ग के मुताबिक इससे इकोनॉमी और रियल एस्टेट, दोनों को मजबूती मिलेगी. त्रेहान ग्रुप के एमडी सारांश त्रेहान ने इसे लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहित करने वाला सकारात्मक निर्णय बताया.

RBI का ताजा रुख

RBI ने मौजूदा अनुमान में महंगाई दर 4.6 प्रतिशत और चालू वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रहने का संकेत दिया है. इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक अभी विकास और कीमतों के बीच संतुलन साधते हुए चल रहा है. रियल एस्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि ब्याज दरें स्थिर रहने से बिक्री में तेजी बनी रहेगी और होम लोन की पहुंच भी अपेक्षाकृत आसान रहेगी.

संक्षेप में, RBI का यह फैसला होम लोन EMI को बढ़ने से रोकता है और खरीदारों के भरोसे को सहारा देता है. हालांकि, EMI में तत्काल कटौती की उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि नीतिगत दर अभी स्थिर है और आगे की राहत बैंकिंग ट्रांसमिशन पर निर्भर करेगी.

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