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Indian Railway New Logo 2026: 18वें रेलवे ज़ोन के साथ बदला भारतीय रेलवे का प्रतीक चिन्ह, 1 जून से होगा लागू

Indian Railway New Logo 2026: 18वें रेलवे ज़ोन के साथ बदला भारतीय रेलवे का प्रतीक चिन्ह, 1 जून से होगा लागू

News Remind 1 week ago

भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक लोगो में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नया डिज़ाइन जारी कर दिया है। यह परिवर्तन देश के 18वें रेलवे ज़ोन, साउथ कोस्ट रेलवे (South Coast Railway - SCoR) के गठन के बाद किया गया है।

रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद नया लोगो 1 जून 2026 से पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाएगा।

18वें रेलवे ज़ोन के गठन के बाद बदला लोगो

रेल मंत्रालय के अनुसार साउथ कोस्ट रेलवे को भारतीय रेलवे के 18वें ज़ोन के रूप में शामिल किए जाने के बाद लोगो को अपडेट करना आवश्यक हो गया था। नए लोगो में अब 18 सितारों को शामिल किया गया है, जो भारतीय रेलवे के सभी 18 ज़ोन का प्रतिनिधित्व करते हैं।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने इस संशोधित लोगो को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही यह भारतीय रेलवे की नई पहचान बन जाएगा।

साउथ कोस्ट रेलवे कब अस्तित्व में आया?

साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन की स्थापना आंध्र प्रदेश में रेल सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 जनवरी 2025 को विशाखापट्टनम में इसके मुख्यालय की आधारशिला रखी थी।

यह मुख्यालय मुदासरलोवा क्षेत्र में लगभग 52 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना पर करीब 183.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

किन डिवीजनों को शामिल किया गया है?

नए साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन में कई महत्वपूर्ण रेल मंडलों को शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • गुंटकल डिवीजन
  • गुंटूर डिवीजन
  • विजयवाड़ा डिवीजन
  • विशाखापट्टनम (पूर्व वाल्टेयर) डिवीजन

यह ज़ोन आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों को कवर करेगा, जिससे दक्षिण भारत में रेलवे संचालन और अधिक प्रभावी होगा।

वाल्टेयर डिवीजन का हुआ पुनर्गठन

रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, पूर्वी तट रेलवे (East Coast Railway) के वाल्टेयर डिवीजन का पुनर्गठन किया गया है।

  • एक हिस्से को ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत रखते हुए नया रायगढ़ डिवीजन बनाया गया है।
  • शेष भाग को साउथ कोस्ट रेलवे में शामिल कर विशाखापट्टनम डिवीजन का नाम दिया गया है।

यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और रेलवे सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

भारतीय रेलवे के लिए क्यों है यह बदलाव खास?

साउथ कोस्ट रेलवे के गठन और नए लोगो की शुरुआत भारतीय रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नया प्रतीक चिन्ह न केवल रेलवे के बढ़ते नेटवर्क को दर्शाता है, बल्कि देश के परिवहन ढांचे में हो रहे बदलावों और विकास की कहानी भी बताता है।

भारतीय रेलवे अब 18 जोनल नेटवर्क के साथ दुनिया के सबसे बड़े रेल तंत्रों में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: News Remind