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Fact Check: गरमा गर्म समोसे खाने के लिए लोको पायलट बीच रास्ते रोकी ट्रेन, Viral वीडियो का क्या है सच ?

Fact Check: गरमा गर्म समोसे खाने के लिए लोको पायलट बीच रास्ते रोकी ट्रेन, Viral वीडियो का क्या है सच ?

News Tak 5 days ago

Indore news: सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इंदौर और महू के बीच चलने वाली एक डेमू (DEMU) ट्रेन के लोको पायलट को बीच रास्ते में गरमा-गरम समोसे खाने का मन हुआ, जिसके लिए उसने ट्रेन को रोक दिया.

दावे के मुताबिक, लोको पायलट इंजन से नीचे उतरा, सड़क किनारे दुकान से समोसे लिए और फिर ट्रेन लेकर आगे रवाना हो गया. इस दावे के बाद इंटरनेट पर रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे. आइए जानते हैं कि इस वायरल वीडियो का पूरा सच क्या है और इस पर वेस्टर्न रेलवे (पश्चिम रेलवे) का इसपर क्या कहना है.

क्या है वायरल वीडियो में?

वायरल वीडियो इंदौर के राऊ स्थित रंगवासा रोड इलाके का बताया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि एक ट्रेन बीच रास्ते में खड़ी है और रेलवे स्टाफ का एक व्यक्ति नीचे उतरकर दुकान से पॉलिथीन में कुछ सामान (समोसे का दावा) लेकर वापस ट्रेन के इंजन में सवार हो रहा है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि समोसे खरीदने के चक्कर में ट्रेन करीब 10 मिनट तक बीच रास्ते में खड़ी रही.

Fact check: वेस्टर्न रेलवे की आधिकारिक प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है. मामले पर वेस्टर्न रेलवे का रिएक्शन सामने आया जिसके बाद इस वायरल वीडियो का दावा पूरी तरह से निराधार हो गया. वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक इस पोस्ट में किया गया दावा गलत और गुमराह करने वाला है.

रेलवे ने बताई ये कहानी

वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक ''लोको नंबर 27237 और 27600 से खींची जा रही मालगाड़ी (कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस) को RAU यार्ड में तय इंजीनियरिंग काम के कारण पहले ही RAU होम सिग्नल पर रोका गया था. इसे खाना खरीदने के लिए नहीं रोका गया था. इस ऑपरेशनल स्टॉप के दौरान, असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) को खाना खरीदते हुए देखा गया. अधिकृत स्टॉप के दौरान की गई इस निजी गतिविधि को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि ट्रेन को रिफ्रेशमेंट के लिए रोका गया था, जो पूरी तरह गलत है.''

ये DEMU ट्रेन नहीं मालगाड़ी थी- रेलवे

रेलवे ने ये भी बताया कि वीडियो को गलत तरीके से एक पैसेंजर DEMU ट्रेन से जोड़ा गया है, जबकि यह घटना एक मालगाड़ी से जुड़ी थी. इस तरह की चुनिंदा एडिटिंग और गलत जानकारी से बेवजह गलतफहमी फैलती है और लोगों का भरोसा कम होता है.

रेलवे ने की ये अपील

रेलवे ने अपील करते हुए कहा कि कृपया गुमराह करने वाली जानकारी शेयर करने या फैलाने से पहले तथ्यों की जांच कर लें. लोगों से अनुरोध है कि वे गुमराह करने वाली जानकारी पर विश्वास न करें या उसे न फैलाएं, और शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से तथ्यों की जांच कर लें.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: News Tak