रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के सोने के भंडार की कीमत में बीते एक हफ्ते में तेज बढ़ोतरी हुई है. साथ ही देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि सोने की ऊंची कीमतों का असर अब भारत के भंडार पर साफ दिख रहा है.
31 जुलाई को एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना हल्की तेजी के साथ 1,41,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. इसी दौरान आरबीआई के सोने के भंडार की कुल कीमत बढ़कर 103.05 अरब डॉलर पहुंच गई है.
एक हफ्ते में कितना बढ़ा सोने का भंडार
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के सोने के भंडार की कीमत सिर्फ एक हफ्ते में 1.3 अरब डॉलर, यानी करीब 11 हजार करोड़ रुपये बढ़ी है. इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती और आरबीआई के पास पहले से मौजूद सोने की बढ़ी हुई कीमत मानी जा रही है.
आसान शब्दों में कहें तो भारत के पास जितना सोना है, उसकी कीमत पहले से ज्यादा हो गई है. हाल के महीनों में दुनिया के कई केंद्रीय बैंक भी अपने सोने के भंडार को मजबूत कर रहे हैं, और भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है.
विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा
आरबीआई के मुताबिक, एक हफ्ते में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.1 अरब डॉलर बढ़कर 682.35 अरब डॉलर हो गया. इससे पहले वाले हफ्ते में भी इसमें 1.08 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. यह मई के आखिर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.
सबसे बड़े हिस्से में भी तेजी
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां, यानी एफसीए, होता है. आरबीआई के अनुसार, यह 4.8 अरब डॉलर बढ़कर 555.92 अरब डॉलर हो गया. इसमें डॉलर के साथ यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी मुद्राओं के दाम में बदलाव का असर भी शामिल होता है.
कहां आई कमी
सभी हिस्सों में बढ़ोतरी नहीं हुई. एसडीआर 53 मिलियन डॉलर घटकर 18.61 अरब डॉलर रह गया. आईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजीशन भी 11 मिलियन डॉलर घटकर 4.75 अरब डॉलर पर आ गई. इसके बावजूद कुल भंडार में अच्छी बढ़त दर्ज हुई है.
पहले गिरावट क्यों आई थी
इस साल फरवरी में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव, तेल की ऊंची कीमतों और रुपये पर दबाव की वजह से आरबीआई को कई बार बाजार में डॉलर बेचने पड़े. जब आरबीआई डॉलर बेचता है, तो विदेशी मुद्रा भंडार कम हो जाता है.
अब वैश्विक हालात कुछ बेहतर बताए जा रहे हैं, इसलिए विदेशी मुद्रा भंडार फिर बढ़ने लगा है. मई से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी. उन्होंने विदेश यात्राएं कम करने, ईंधन बचाने और अनावश्यक सोना खरीदने से बचने की बात कही थी, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो.
एक नजर में
31 जुलाई को एमसीएक्स पर सोना 1,41,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.सोने के भंडार की कीमत 1.3 अरब डॉलर बढ़कर 103.05 अरब डॉलर हुई.कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.1 अरब डॉलर बढ़कर 682.35 अरब डॉलर पहुंचा.एफसीए 4.8 अरब डॉलर बढ़कर 555.92 अरब डॉलर हुआ.एसडीआर 53 मिलियन डॉलर घटकर 18.61 अरब डॉलर रहा.आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन 11 मिलियन डॉलर घटकर 4.75 अरब डॉलर रह गई.
कुल मिलाकर, सोने की मजबूत कीमतों और विदेशी मुद्रा भंडार में ताजा बढ़ोतरी ने भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति की तस्वीर कुछ बेहतर दिखाई है. हालांकि कुछ हिस्सों में हल्की गिरावट भी रही, लेकिन अभी सबसे बड़ा संकेत यही है कि लगातार दो हफ्तों से भंडार बढ़ा है और सोने की कीमत का फायदा आरबीआई के भंडार में साफ दिख रहा है.

