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Gold Price : ताबड़तोड़ सोने की खरीदारी कर रहा चीन, जून में खरीदा 15 टन से ज्यादा गोल्ड, हिला दिया सिस्टम

Gold Price : ताबड़तोड़ सोने की खरीदारी कर रहा चीन, जून में खरीदा 15 टन से ज्यादा गोल्ड, हिला दिया सिस्टम

News Tak 2 months ago

चीन ने जून में 15 टन सोना खरीदकर वैश्विक बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. सोने की कीमतों में गिरावट के बीच चीन के केंद्रीय बैंक ने यह खरीदारी की है. इस कदम को दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की बदलती रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, चीन का केंद्रीय बैंक लगातार 20वें महीने अपने सोने के भंडार में बढ़ोतरी कर रहा है. जानकारों का कहना है कि कीमत घटने पर बड़े खरीदार अक्सर बाजार में उतरते हैं, और इस बार भी ऐसा ही दिखा.

जून में चीन की बड़ी खरीदारी

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने जून में अपने गोल्ड रिजर्व में 15 टन का इजाफा किया. यह इस साल अब तक की उसकी सबसे बड़ी खरीदारी बताई जा रही है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन के केंद्रीय बैंक के पास अब करीब 2,346 टन सोना है. सिर्फ इस साल वह 40 टन से ज्यादा सोना अपने भंडार में जोड़ चुका है.

मुख्य आंकड़े एक नजर में

जून में चीन की खरीदारी 15 टन रही.लगातार 20वें महीने चीन ने सोने का भंडार बढ़ाया.चीन के पास कुल सोना करीब 2,346 टन है.इस साल अब तक चीन 40 टन से ज्यादा सोना जोड़ चुका है.

भारत में सोना और चांदी का हाल

8 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना करीब 1,800 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,508 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी 5,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट के साथ 2,25,870 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी.

कीमत गिरने पर खरीदारी क्यों

मुख्य कहानी यह है कि पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में अच्छी गिरावट आई. इस दौरान कई निवेशकों ने मुनाफा वसूली की और कुछ ने घबराकर बिकवाली भी की. लेकिन इसी समय कई केंद्रीय बैंकों ने इसे खरीदारी का मौका माना.

कमोडिटी एक्सपर्ट नितेश शाह के मुताबिक, जैसे ही सोने की कीमत नीचे आई, केंद्रीय बैंकों ने खरीदारी बढ़ा दी. उनका कहना है कि आगे भी केंद्रीय बैंक सोना खरीदते रह सकते हैं. इस राय से यह संकेत मिलता है कि बड़े संस्थागत खरीदार गिरावट को लंबे समय के मौके के रूप में देख रहे हैं.

सिर्फ चीन नहीं, दूसरे देश भी सक्रिय

चीन अकेला देश नहीं है जो सोना खरीद रहा है. उज्बेकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने जून में करीब 9 टन सोना खरीदा. इस साल अब तक उसकी कुल खरीदारी 41 टन तक पहुंच चुकी है. वहीं पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने जून के आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन मई तक के आंकड़ों के अनुसार उसने इस साल 64 टन सोना खरीदा था. इस आधार पर पोलैंड अभी सबसे आगे माना जा रहा है.

केंद्रीय बैंक सोने पर भरोसा क्यों बढ़ा रहे हैं

विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं. पहली, कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सिर्फ अमेरिकी डॉलर पर ज्यादा निर्भर नहीं रखना चाहते. दूसरी, दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता, देशों के बीच तनाव, युद्ध जैसे हालात और ऊर्जा संकट ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई है. ऐसे समय में सोने को आम तौर पर सुरक्षित विकल्प माना जाता है.

बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि कई देश धीरे धीरे डॉलर पर निर्भरता घटाने की दिशा में बढ़ रहे हैं. उनका मानना है कि आगे चलकर कुछ देशों का पैसा अमेरिकी बॉन्ड के बजाय सोने में ज्यादा जा सकता है. हालांकि, बीच में कुछ देशों को अपनी अर्थव्यवस्था संभालने के लिए सोना बेचना भी पड़ा था, लेकिन अब हालात कुछ बेहतर दिख रहे हैं. इसी वजह से साल के दूसरे हिस्से में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है.

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, सोने की कीमतों में गिरावट के बीच चीन ने जून में 15 टन सोना खरीदा और अपने भंडार को बढ़ाने का सिलसिला जारी रखा. यह कदम सिर्फ कीमत के मौके का फायदा उठाने भर का मामला नहीं दिखता, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने, डॉलर पर निर्भरता घटाने और वैश्विक अनिश्चितता से बचाव की बड़ी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है.

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