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कौन हैं 'झारखंड के सोनम वांगचुक' देवेंद्र नाथ महतो? जो शिबू सोरेन की फोटो सीने से लगा बैठ गए निर्जला अनशन पर

कौन हैं 'झारखंड के सोनम वांगचुक' देवेंद्र नाथ महतो? जो शिबू सोरेन की फोटो सीने से लगा बैठ गए निर्जला अनशन पर

News Tak 1 week ago

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की तर्ज पर अब झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 'जंतर-मंतर 2.0' जैसा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं.

इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से आमरण अनशन (निर्जला अनशन) पर बैठे हैं. आंदोलनकारी छात्र उन्हें 'झारखंड का सोनम वांगचुक' कह रहे हैं.

जल त्याग कर अनशन पर बैठे देवेंद्र, बिगड़ रही तबीयत

बीते तीन दिनों से देवेंद्र नाथ महतो ने अन्न और जल दोनों का त्याग कर रखा है. लगातार भूख और प्यास की वजह से उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है.

स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों की जांच के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर (97/58) और शुगर लेवल (90) काफी नीचे गिर चुका है. डॉक्टरों ने सलाइन (फ्लूइड) चढ़ाने की सलाह दी है, लेकिन छात्र नेता ने इलाज लेने से साफ इनकार कर दिया है.

सख्त रुख: देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद आकर बातचीत नहीं करते या उनकी मांगें पूरी नहीं करते, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा.

शिबू सोरेन की तस्वीर सीने से लगाई

अनशन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर अपने सीने से लगा रखी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए छात्र नेता ने कहा:

"आज झारखंड के महान नेता शिबू सोरेन जी की याद आ रही है. अगर वे आज इस स्थिति में हमारे बीच होते तो युवाओं का दर्द समझते. लेकिन उनके बेटे और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता के दिखाए रास्ते से भटक गए हैं. हमारी सीधी मांग है- 'हेमंत सोरेन बात करो या इस्तीफा दो', इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है."

छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी सरकारी कमेटी से वार्ता नहीं करेंगे, सिर्फ मुख्यमंत्री स्तर पर ही सीधी बात होगी.

छात्रों की प्रमुख मांगें

  • परीक्षाएं तुरंत रद्द हों: TDPPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी जेपीएससी (14वीं JPSC, बैकलाग, ACF, FRO) और जेएसएससी परीक्षाएं तुरंत रद्द की जाएं.
  • CBI जांच की मांग: सुधीर गुप्ता के JSSC सचिव बनने के बाद आयोजित सभी परीक्षाओं और TDPPL द्वारा कराई गई JPSC परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई (CBI) जांच कराई जाए.
  • पारदर्शी चयन प्रक्रिया: पिछले 26 वर्षों से राज्य में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए कठोर कानून और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की जाए.

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