देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी की बिक्री और राजस्व में मजबूत बढ़त देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई. इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत और वैश्विक परिस्थितियों से बढ़ा लागत का दबाव रहा.
हालांकि कंपनी ने इस दौरान कीमतें भी बढ़ाईं, लेकिन बढ़ते खर्च का असर पूरी तरह कम नहीं हो सका.
11% घटा कंपनी का नेट प्रॉफिट
Maruti Suzuki का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 11% घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा. दूसरी ओर कंपनी की कुल आय में मजबूत बढ़त देखने को मिली और यह 36% बढ़कर 52,456 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. हालांकि राजस्व बढ़ने के साथ-साथ कंपनी के खर्च भी तेजी से बढ़े. तिमाही के दौरान कुल खर्च 40.5% बढ़कर 49,988 करोड़ रुपये हो गया. यही बढ़ती लागत कंपनी के मुनाफे पर भारी पड़ी.
बिक्री बढ़ी, लेकिन लागत ने दबाया मार्जिन
कंपनी के मुताबिक भारत में वाहन बिक्री में सुधार देखने को मिला और इससे बिक्री के आंकड़ों को मजबूती मिली. इसके बावजूद स्टील और अन्य कमोडिटी की बढ़ती कीमतों ने उत्पादन लागत बढ़ा दी. कंपनी ने तिमाही के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी भी की, लेकिन कच्चे माल की महंगाई और ईरान युद्ध से सप्लाई चेन पर पड़े असर ने मार्जिन पर दबाव बनाए रखा.
हर सेगमेंट में बिक्री में रही मजबूत बढ़त
Maruti Suzuki ने बताया कि पहली तिमाही में उसकी कुल बिक्री सालाना आधार पर 29.3% बढ़ी. अलग-अलग सेगमेंट की बात करें तो घरेलू बाजार में छोटी कारों की बिक्री 34.1% बढ़ी. SUV सेगमेंट में 44.6% की तेज बढ़त दर्ज की गई, जबकि निर्यात में भी 28.6% का इजाफा हुआ. कंपनी की घरेलू बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 41.2% पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.3 प्रतिशत अंक अधिक है.
Kharkhoda प्लांट से मिला उत्पादन को सहारा
कंपनी के अनुसार बढ़ती मांग को पूरा करने में हरियाणा के Kharkhoda स्थित दूसरे प्लांट ने अहम भूमिका निभाई. इसी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता की वजह से कंपनी ज्यादा वाहन बेच सकी. दिलचस्प बात यह रही कि मजबूत बिक्री के बावजूद डीलर नेटवर्क में इन्वेंट्री केवल करीब 13 दिनों के स्तर पर रही, जो मांग और सप्लाई के बीच बेहतर संतुलन का संकेत देती है.
CBG प्रोजेक्ट्स को भी मिली मंजूरी
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG से जुड़े चार प्रोजेक्ट्स के पहले चरण को भी मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं के लिए 561 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. कंपनी का कहना है कि इन शुरुआती प्रोजेक्ट्स के अनुभव के आधार पर भविष्य में CBG मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करने पर फैसला लिया जाएगा.
शेयर में क्या रहा असर
तिमाही नतीजों से पहले कारोबारी सत्र में Maruti Suzuki का शेयर करीब 0.4% की बढ़त के साथ 14,240 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी ने अपने नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए.
क्या है बड़ी तस्वीर
Maruti Suzuki के ताजा नतीजे बताते हैं कि बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है और कंपनी की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है. हालांकि बढ़ती इनपुट लागत, महंगे कच्चे माल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं का असर अभी भी कंपनी के मुनाफे पर साफ दिखाई दे रहा है. आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि लागत का दबाव कितना कम होता है और कंपनी अपने मार्जिन को किस तरह बेहतर बना पाती है.

