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Prayagraj: NEET पर सांसद संजय सिंह की बंद कमरे की मीटिंग को रोकने वाले ADM सत्यम मिश्रा आखिर हैं कौन?

Prayagraj: NEET पर सांसद संजय सिंह की बंद कमरे की मीटिंग को रोकने वाले ADM सत्यम मिश्रा आखिर हैं कौन?

News Tak 4 days ago

प्रयागराज की धरती हमेशा से छात्र आंदोलनों और राजनीतिक सरगर्मियों का केंद्र रही है. इस वक्त यहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र सड़कों पर हैं और इसी बीच एक गेस्ट हाउस के भीतर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह जब पेपर लीक के मुद्दे पर बंद कमरे में एक मीटिंग कर रहे थे, तभी दो आईपीएस अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल लेकर एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा वहां पहुंच गए. एडीएम ने जब मीटिंग रोकने और पेपर लीक पर बात न करने की हिदायत दी तो संजय सिंह काो गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने सरेआम अधिकारी की क्लास लगा दी.

यह आपकी निजी प्रॉपर्टी नहीं है एडीएम साहब

मीटिंग रोकने पहुंचे एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा को दो टूक सुनाते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा कि आप बंद कमरे में होने वाली बातचीत को नहीं रोक सकते. संजय सिंह ने एडीएम से कड़े लहजे में पूछा:

"आप यह तय करेंगे कि बंद कमरे में मैं क्या बात करूंगा? अरे भाई साहब, जो परीक्षा पास करके आप अधिकारी बने हैं, वही परीक्षाएं लीक हो रही हैं. यह कॉन्फ्रेंस हॉल जनता के पैसे से बना है, आपकी कोई निजी प्रॉपर्टी नहीं है. आपका काम लॉ एंड ऑर्डर देखना है, बंद कमरे में कोई देश विरोधी बात नहीं हो रही है."

संजय सिंह ने साफ कहा कि वह एक सांसद हैं और गेस्ट हाउस के जिस कॉन्फ्रेंस हॉल में वह मीटिंग कर रहे हैं, वह नियम सम्मत है. उन्होंने एक सांसद के विशेषाधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए प्रिविलेज कमेटी (विशेषाधिकार समिति) में अधिकारियों की शिकायत करने की बात भी कही. इस तीखी बहस के बाद एडीएम साहब को वहां से बैरंग लौटना पड़ा.

कौन हैं चर्चा में आए ADM सत्यम मिश्रा?

संजय सिंह से बहस के बाद सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आए सत्यम मिश्रा प्रयागराज के एडीएम सिटी (ADM City) हैं. वह 2015 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं, जिन्हें साल 2025 में प्रयागराज में तैनात किया गया था. कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सत्यम मिश्रा पढ़ाई में बेहद होनहार माने जाते रहे हैं.

पहले भी रहे हैं चर्चा में

इससे पहले जब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों का बड़ा आंदोलन हुआ था, तब सत्यम मिश्रा ने छात्रों के बीच जाकर कहा था, "हमें अधिकारी मत समझिए, मैं बड़े भाई की तरह बात कर रहा हूं." उन्होंने छात्रों को समझाकर आंदोलन खत्म कराया था जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई थी.

वीआईपी कल्चर त्यागने का वीडियो

प्रधानमंत्री की ईंधन और तेल बचाने की अपील के बाद एडीएम सत्यम मिश्रा ने अन्य अधिकारियों के साथ पैदल मार्च किया था और वीआईपी कल्चर त्यागने का संदेश देते हुए एक वीडियो बनवाया था, जो काफी वायरल हुआ था.

भू-माफियाओं पर कार्रवाई

प्रयागराज से पहले वह बरेली, गाजीपुर, महाराजगंज और चित्रकूट में डिप्टी कलेक्टर रह चुके हैं, जहां भू-माफियाओं के खिलाफ उनकी कार्रवाई की काफी चर्चा हुई थी. इसके अलावा वह रामपुर और मुरादाबाद में सिटी मजिस्ट्रेट भी रहे हैं.

आखिर प्रयागराज में छात्र क्यों कर रहे हैं आंदोलन?

इस समय नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर पूरे देश के छात्रों में आक्रोश है, लेकिन प्रयागराज में स्थानीय स्तर पर छात्र मुख्य रूप से चार बड़ी मांगों को लेकर आंदोलित हैं. छात्रों का आरोप है कि इस भर्ती में बड़ा गड़बड़झाला और पेपर लीक हुआ है, हालांकि प्रशासन इन आरोपों को खारिज करता है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान सर्वर डाउन होने से भारी अव्यवस्था रही, जिससे कई छात्र प्रश्न पत्र समय पर जमा नहीं कर पाए. छात्र दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे हैं.

छात्रों की शिकायत है कि सरकार ने कट-ऑफ तो जारी कर दिया, लेकिन अभ्यर्थियों की मार्कशीट (अंक पत्र) जारी नहीं की, जिससे पारदिर्शता पर सवाल उठ रहे हैं. राष्ट्रीय स्तर पर हुए इस पेपर लीक का असर प्रयागराज के प्रतियोगी छात्रों पर भी साफ दिख रहा है. फिलहाल, छात्रों के इन गंभीर मुद्दों के बीच राजनेता और प्रशासन के बीच की यह आपसी भिड़ंत उत्तर प्रदेश की राजनीति का नया हॉट टॉपिक बन गई है.

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