Dailyhunt
Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा के साथ उस रात ससुराल में क्या हुआ था? रिटायर्ड जज की बहू की संदिग्ध मौत पर भड़का परिवार, अब बताई ये कहानी

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा के साथ उस रात ससुराल में क्या हुआ था? रिटायर्ड जज की बहू की संदिग्ध मौत पर भड़का परिवार, अब बताई ये कहानी

News Tak 2 days ago

ध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा झकझोर देने वाला मामला सामने आया है जिसने न्याय व्यवस्था और समाज के रसूखदार तबके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. भोपाल में रहने वाली 31 साल की ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.

शादी के महज 5 महीने बाद हुई इस मौत के बाद मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्विशा की सास एक रिटायर्ड जज हैं और पति पेशे से वकील हैं. आरोपियों के रसूख और उन्हें मिली अग्रिम जमानत के बाद पीड़ित परिवार ने अब तक ट्विशा का अंतिम संस्कार नहीं किया है.

13 मई की रात फोन पर थी बहन, डरी हुई थी और फिर...

ट्विशा की बहन ने रुआंसे स्वर में बताया, "ट्विशा शर्मा हमारी बहन थी. दहेज के लालच में उसकी हत्या कर दी गई. 5 महीने की शादी में उसने एक दिन भी सुख का नहीं देखा. 15 तारीख को वह अपने मायके वापस आ रही थी, वह वहां बहुत परेशान थी. 13 मई की रात को वह अपनी मां से फोन पर बात कर रही थी, तभी उसने डर के मारे फोन काट दिया और उसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई. आरोपी 45 मिनट के भीतर उसे एम्स भोपाल ले गए और वहां से फरार हो गए."

सास रिटायर्ड जज और पति वकील

ट्विशा के परिवार के आरोपों के आधार पर पुलिस ने सास गिरीबाला सिंह (रिटायर्ड जज) और पति समर्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. लेकिन गिरफ्तारी के डर से आरोपियों ने रातों-रात कोर्ट से अग्रिम जमानत (Anticipatory Ble) हासिल कर ली.

जमानत मिलने के बाद से पीड़ित परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है. ट्विशा के पिता ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपियों को 63 साल की उम्र और 'क्लीन हिस्ट्री' का हवाला देकर जो जमानत दी गई है, वह हास्यास्पद है. पिता का आरोप है कि पहली बहू ने भी इनके खिलाफ प्रताड़ना का केस किया था, जिसे कोर्ट में नजरअंदाज कर दिया गया.

4 दिनों से मोर्चरी में रखा है शव

ट्विशा शर्मा की मौत के चार दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों ने उसका शव लेने से साफ इंकार कर दिया है. मृतका का शव फिलहाल एम्स भोपाल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा हुआ है. परिजनों का कहना है कि उन्हें भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर कतई भरोसा नहीं है, क्योंकि इसमें रसूखदारों का दबाव हो सकता है.

परिवार ने मांग की है कि उनकी बेटी का दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में डॉक्टरों के एक स्वतंत्र पैनल से कराया जाए. इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' (Rarest of Rare) बताते हुए पूरे केस को नोएडा ट्रांसफर करने की गुहार लगाई है.

कोर्ट परिसर में हमले और बदसलूकी का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि भोपाल में पूरा तंत्र आरोपियों के रसूख के आगे उनके लिए ही काम कर रहा है. ट्विशा की मां और पिता ने बताया कि जब वे कोर्ट आए थे, तो उन पर हमला करवाने की कोशिश की गई, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और गाली-गलौज की गई ताकि वे भड़क जाएं. हालात इतने खराब थे कि उन्हें स्थानीय स्तर पर कोई वकील तक नहीं मिला और उनके वकील ने दिल्ली से वर्चुअल जुड़कर कोर्ट में पैरवी की.

पुलिस का पक्ष, जांच है निष्पक्ष

इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अग्रिम जमानत देना पूरी तरह से माननीय न्यायालय का विशेषाधिकार और काम है. पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पूरी तरह से निष्पक्ष और वैधानिक प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है. अब यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत या दहेज प्रताड़ना का केस नहीं रह गया है, बल्कि रसूखदार लोगों के दबाव के बीच एक बेबस परिवार के इंसाफ की लंबी लड़ाई बन चुका है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: News Tak