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UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद का मदरसों को लेकर विवादित बयान, विपक्षी नेताओं ने साधा निशाना

UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद का मदरसों को लेकर विवादित बयान, विपक्षी नेताओं ने साधा निशाना

News Tak 2 months ago

UP Deputy CM Madarsa Statement Controversy: उत्तर प्रदेश उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में मदरसों को लेकर एक विवादित बयान दिया है. उनके इस बयान के बाद से प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है.

अब विपक्षी दल उनके बयान को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर नजर आ रहे हैं. केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े एक अहम संशोधन प्रस्ताव पर कदम आगे बढ़ा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आज होने वाली कैबिनेट बैठक में एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है. इसके तहत उत्तर प्रदेश के मदरसों में केवल 12वीं तक ही पढ़ाई हो सकेगी और डिग्री कोर्स पूरी तरह से बंद किए जाएंगे.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा था?

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में पत्रकारों से कहा कि "मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, या पाकिस्तान का, या भारत का हो, मदरसा अघोषित रूप से आतंकवाद को पैदा करती हैं."

इमरान मसूद और शिवपाल यादव की तीखी प्रतिक्रिया

इस बायान के बाद से अलग अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी क्रम में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि ये उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है. ऐसे लोगों का इलाज होना चाहिए और उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है. वहीं सपा नेता शिवपाल यादव ने बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 'आतंकी सब बीजेपी पालती है और उन्हीं के दफ्तरों में यह आतंकवादी मिलते हैं. बीजेपी इन्हें ट्रेनिंग देती है, इन्हीं के घरों और दफ्तरों में यह मिलते हैं.'

शादाब चौहान का करारा हमला

उधर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने डिप्टी सीएम के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि मदरसों ने भारत की आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है. मौलाना हसरत मोहानी, मौलाना फजल-ए-हक खैराबादी से लेकर रेशमी रुमाल तहरीक तक मदरसों का महान योगदान रहा है. अंग्रेजों के खिलाफ फतवा देकर लाखों उलमाओं ने देश के लिए अपनी शहादत दी थी.

उन्होंने आगे याद दिलाया कि पंडित मदन मोहन मालवीय, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और राजा राममोहन राय जैसे महापुरुषों ने भी मदरसों से ही प्रारंभिक शिक्षा हासिल की थी. ऐसे में राजनीतिक लाभ के लिए स्वतंत्र सेनानियों के इतिहास का अपमान करना गलत है और केशव मौर्य को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.

संवैधानिक अधिकारों और कानून व्यवस्था पर घेरा

शादाब चौहान ने संविधान के अनुच्छेद 25, 29 और 30 का हवाला देते हुए कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और अपने शिक्षण संस्थान चलाने का अधिकार देता है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज दोयम दर्जे का नागरिक नहीं है और उसके पास भी बराबरी के अधिकार हैं.

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