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दिवंगत पूर्व उपराज्यपाल गोविन्द सिंह गुर्जर के दत्तक पुत्र सुनिल गुर्जर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

सुनिल गुर्जर

सुनिल गुर्जर पर चचेरी बहन के पति से मर्सडिज कार के नाम पर 21 लाख रूपए हड़पने का है आरोप
नवीन वैष्णव@ अजमेर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिवंगत पूर्व उपराज्यपाल गोविन्द सिंह गुर्जर के दत्तक पुत्र और नसीराबाद विधायक रामनारायण गुर्जर के पुत्र सुनिल गुर्जर पर जयपुर के वैशालीनगर थाने में धोखाधड़ी कर रूपए हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा सुनिल गुर्जर की चचेरी बहन के पति सुरेन्द्र सिंह ने मर्सडिज कार के नाम पर 21 लाख रूपए हड़पने को लेकर करवाया है। जयपुर निवासी परिवादी सुरेन्द्र सिंह ने वैशालीनगर थाने में शिकायत देकर बताया कि नसीराबाद निवासी सुनिल गुर्जर उसका रिश्ते में साला लगता है। वह पेशे से आईटी इंजीनियर है। सुनिल के सबल भारत संस्थान ट्रस्ट का आईटी का काम वही देखता था। इसी दौरान जनवरी 2017 में सुनिल गुर्जर ने अपनी मर्सडिज कार बेचने की मंशा बताई। उसे कार समझ में आ गई तो उसने रजामंदी जता दी। इसके बाद 21 लाख रूपए में सौदा तय हुआ। 1 लाख 10 हजार रूपए 31 जनवरी 2017 को नगद दिए गए जबकि अन्य फरवरी माह में देने का तकाजा हुआ। इसका इकरारनामा भी बनवाया गया। सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि सुनिल गुर्जर ने उसका लोन करवाने के लिए कार का ऑरिजनल रजिस्ट्रेशन, शपथ पत्र और फॉर्म 29 व 30 भी भरकर दिया। इसके आधार पर उसने कोटेक महिन्द्रा कम्पनी से अपना 19 लाख 90 हजार का लोन करवा लिया। लोन की राशि आने के बाद उसने सुनिल के कहे अनुसार 6 जनवरी को 2 लाख रूपए सुनिल गुर्जर के खाते में, 16 हजार 800 रूपए सबल भारत संस्थान ट्रस्ट, 7 फरवरी को गोविन्द सिंह गुर्जर ट्रस्ट में 3 लाख 40 हजार और 8 फरवरी को सुनिल गुर्जर के खाते में 10 लाख 84 हजार रूपए ऑनलाईन ट्रांस्फर किए। पूरी रकम ट्रांस्फर होने के बाद कार की डिलीवरी देने का वादा था लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं दी।
खुले आम धमकियां
सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि सुनिल गुर्जर के जैविक पिता नसीराबाद विधायक रामनारायण गुर्जर के छोटे भाई प्रकाश गुर्जर का वह दामाद है। ऐसे में उसने कई बार आपस में ही मामला निपटाने और कार की डिलीवरी दिलवाने के लिए स्वयं रामनारायण गुर्जर और अन्य परिजनों से भी वार्तालाप किया लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहीं सुनिल गुर्जर उसे व उसकी पत्नी को धमकाने लगा कि वह कार नहीं देगा। उसकी राजनीतिक पहुंच है तो कोई भी कुछ नहीं कर सकता।
डेढ़ माह में मुकदमा
सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि जूलाई माह के प्रथम सप्ताह में उसने वैशालीनगर थाने में शिकायत दी थी। जिसे पहले तो परिवाद में रखा गया। थानाधिकारी ने स्वयं भी आपसी स्तर पर ही मामला निपटाने के लिए सुनिल गुर्जर को कहा लेकिन उसने एक नहीं सुनी। अब एसीपी के निर्देश पर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि उसे पुलिस पर पूरा भरोसा है कि उसे न्याय मिलेगा और सुनिल गुर्जर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कई हैं पीड़ित
सुरेन्द्र सिंह की मानें तो कार के अलावा भी वह 10 से 12 लाख रूपए सुनिल गुर्जर से मांगता है। जिसका भी उसके पास पूरा रिकॉर्ड है। वहीं सुनिल ने उसके कई दोस्तों से भी रात्रि में ईमरजैंसी होने की बात कहकर लाखों रूपए लिए हैं जो आज दिन तक वापस नहीं लौटाए। इसी तरह कई ओर भी सुनिल के पीड़ित हैं। जिन्हें सुनिल ने लाखों का चूना लगाया है। ऐसे लोगों से ना तो सुनिल मिलता है और ना ही उनके फोन उठाता है। कोई सामने पड़ भी जाए तो उसे उलटा फंसाने की धमकी देकर भगा दिया जाता है।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987, 9351087614
22-08-2018
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सुनिल गुर्जर पर चचेरी बहन के पति से मर्सडिज कार के नाम पर 21 लाख रूपए हड़पने का है आरोप
नवीन वैष्णव@ अजमेर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिवंगत पूर्व उपराज्यपाल गोविन्द सिंह गुर्जर के दत्तक पुत्र और नसीराबाद विधायक रामनारायण गुर्जर के पुत्र सुनिल गुर्जर पर जयपुर के वैशालीनगर थाने में धोखाधड़ी कर रूपए हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा सुनिल गुर्जर की चचेरी बहन के पति सुरेन्द्र सिंह ने मर्सडिज कार के नाम पर 21 लाख रूपए हड़पने को लेकर करवाया है।
जयपुर निवासी परिवादी सुरेन्द्र सिंह ने वैशालीनगर थाने में शिकायत देकर बताया कि नसीराबाद निवासी सुनिल गुर्जर उसका रिश्ते में साला लगता है। वह पेशे से आईटी इंजीनियर है। सुनिल के सबल भारत संस्थान ट्रस्ट का आईटी का काम वही देखता था। इसी दौरान जनवरी 2017 में सुनिल गुर्जर ने अपनी मर्सडिज कार बेचने की मंशा बताई। उसे कार समझ में आ गई तो उसने रजामंदी जता दी। इसके बाद 21 लाख रूपए में सौदा तय हुआ। 1 लाख 10 हजार रूपए 31 जनवरी 2017 को नगद दिए गए जबकि अन्य फरवरी माह में देने का तकाजा हुआ। इसका इकरारनामा भी बनवाया गया। सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि सुनिल गुर्जर ने उसका लोन करवाने के लिए कार का ऑरिजनल रजिस्ट्रेशन, शपथ पत्र और फॉर्म 29 व 30 भी भरकर दिया। इसके आधार पर उसने कोटेक महिन्द्रा कम्पनी से अपना 19 लाख 90 हजार का लोन करवा लिया। लोन की राशि आने के बाद उसने सुनिल के कहे अनुसार 6 जनवरी को 2 लाख रूपए सुनिल गुर्जर के खाते में, 16 हजार 800 रूपए सबल भारत संस्थान ट्रस्ट, 7 फरवरी को गोविन्द सिंह गुर्जर ट्रस्ट में 3 लाख 40 हजार और 8 फरवरी को सुनिल गुर्जर के खाते में 10 लाख 84 हजार रूपए ऑनलाईन ट्रांस्फर किए। पूरी रकम ट्रांस्फर होने के बाद कार की डिलीवरी देने का वादा था लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं दी।
खुले आम धमकियां
सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि सुनिल गुर्जर के जैविक पिता नसीराबाद विधायक रामनारायण गुर्जर के छोटे भाई प्रकाश गुर्जर का वह दामाद है। ऐसे में उसने कई बार आपस में ही मामला निपटाने और कार की डिलीवरी दिलवाने के लिए स्वयं रामनारायण गुर्जर और अन्य परिजनों से भी वार्तालाप किया लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहीं सुनिल गुर्जर उसे व उसकी पत्नी को धमकाने लगा कि वह कार नहीं देगा। उसकी राजनीतिक पहुंच है तो कोई भी कुछ नहीं कर सकता।
डेढ़ माह में मुकदमा
सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि जूलाई माह के प्रथम सप्ताह में उसने वैशालीनगर थाने में शिकायत दी थी। जिसे पहले तो परिवाद में रखा गया। थानाधिकारी ने स्वयं भी आपसी स्तर पर ही मामला निपटाने के लिए सुनिल गुर्जर को कहा लेकिन उसने एक नहीं सुनी। अब एसीपी के निर्देश पर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि उसे पुलिस पर पूरा भरोसा है कि उसे न्याय मिलेगा और सुनिल गुर्जर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कई हैं पीड़ित
सुरेन्द्र सिंह की मानें तो कार के अलावा भी वह 10 से 12 लाख रूपए सुनिल गुर्जर से मांगता है। जिसका भी उसके पास पूरा रिकॉर्ड है। वहीं सुनिल ने उसके कई दोस्तों से भी रात्रि में ईमरजैंसी होने की बात कहकर लाखों रूपए लिए हैं जो आज दिन तक वापस नहीं लौटाए। इसी तरह कई ओर भी सुनिल के पीड़ित हैं। जिन्हें सुनिल ने लाखों का चूना लगाया है। ऐसे लोगों से ना तो सुनिल मिलता है और ना ही उनके फोन उठाता है। कोई सामने पड़ भी जाए तो उसे उलटा फंसाने की धमकी देकर भगा दिया जाता है।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
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22-08-2018
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