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Jagadguru Rambhadracharya: लखनऊ में शुरू हुई जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी की नौ दिवसीय श्रीराम कथा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Jagadguru Rambhadracharya: लखनऊ में शुरू हुई जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी की नौ दिवसीय श्रीराम कथा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हो गया है। यह आयोजन सीतापुर रोड स्थित 'ब्रज की रसोई' परिसर में किया जा रहा है, जहां 9 जून तक प्रतिदिन रामकथा का दिव्य आयोजन चलेगा।

कथा के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रचार-प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

कथा के शुभारंभ से पहले जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मीडिया से बातचीत में भारतीय संस्कृति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे एक राष्ट्रवादी दृष्टिकोण रखते हैं और मानते हैं कि जब तक जनमानस में भारतीय संस्कृति नहीं पहुंचेगी, तब तक समाज में संस्कारों की मजबूती संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कथा युवाओं को संगठित करने और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है।

कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। आयोजकों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री अलग-अलग दिनों में इस कथा में शामिल हो सकते हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी आने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री की संभावित उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इससे पहले सीएम योगी ने अयोध्या राम मंदिर की प्रतिकृति वाले कथा मंच के पोस्टर का विमोचन कर शुभकामनाएं दी थीं।

आयोजकों ने बताया कि कथा में प्रत्येक दिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा-

9 जून को कथा का समापन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। अंतिम दिन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ कथा का भव्य समापन होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव, नैतिक मूल्यों, पारिवारिक परंपराओं और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का माध्यम है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरित यह कथा समाज में सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सदाचार की भावना को बढ़ावा देती है।

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