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Solar Installation मिशन में उत्तर प्रदेश का बड़ा कमाल, मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

Solar Installation मिशन में उत्तर प्रदेश का बड़ा कमाल, मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

Uttar pradesh ने सौर और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य को पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चुना है।

यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिया जाएगा।

राज्य सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने के लिए किए गए लगातार प्रयासों का परिणाम है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में 9.91 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5.57 लाख से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

इस योजना से अब तक 5.64 लाख से अधिक परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं। वहीं प्रदेश में कुल 1,888 मेगावाट से अधिक रूफटॉप सौर क्षमता विकसित की जा चुकी है, जो देश के अग्रणी राज्यों में उत्तर प्रदेश की स्थिति को मजबूत बनाती है।

सरकार के अनुसार योजना के लाभार्थियों को अब तक 3,602 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सब्सिडी प्रदान की गई है। इसके अलावा राज्य सरकार ने भी 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई है।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 2,000 नए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा रहे हैं। साथ ही 6,000 से अधिक पंजीकृत वेंडर इस अभियान से जुड़े हुए हैं, जो इसे देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा कार्यक्रमों में से एक बनाते हैं।

सौर ऊर्जा अभियान में राजधानी Lucknow ने भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लखनऊ देश का पहला जिला बन गया है जहां पीएम सूर्य घर योजना के तहत एक लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं।

यह उपलब्धि न केवल शहर की बढ़ती ऊर्जा जागरूकता को दर्शाती है, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर उभरी है।

सौर ऊर्जा के विस्तार का सकारात्मक असर रोजगार और कारोबार पर भी देखने को मिला है। प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र का कारोबार प्रतिदिन 36 से 40 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसके चलते 70 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

इसके अलावा 9,200 सरकारी भवनों पर 247 मेगावाट, जल जीवन मिशन परियोजनाओं में लगभग 900 मेगावाट तथा 691 औद्योगिक और वाणिज्यिक भवनों पर 220 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित की जा चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

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