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Used Car Market: नई कारों से हुआ मोहभंग, सेकेंड हैंड कारों की बढ़ी डिमांड: बजट मे खरीदारी के लिए सुनहरा मौका

Used Car Market: नई कारों से हुआ मोहभंग, सेकेंड हैंड कारों की बढ़ी डिमांड: बजट मे खरीदारी के लिए सुनहरा मौका

Used Car Market: भारत में कार खरीदने का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। जहां पहले लोग नई कार खरीदने को प्राथमिकता देते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में ग्राहक सेकेंड हैंड कारों की ओर रुख कर रहे हैं।

इसकी सबसे बड़ी वजह नई कारों की लगातार बढ़ती कीमतें और सीमित बजट है। ऑटो सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में देश का सेकेंड हैंड कार बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है और इसकी सालाना बिक्री करीब 70 लाख यूनिट तक हो सकती है। बढ़ती मांग यह संकेत दे रही है कि पुरानी कारें अब सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा विकल्प बन चुकी हैं।

कुछ साल पहले तक सेकेंड हैंड कार खरीदने को लोग जोखिम मानते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। संगठित कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के आने से ग्राहकों को प्रमाणित वाहन, सर्विस हिस्ट्री, वारंटी और आसान फाइनेंस जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है। अब खरीदार घर बैठे अलग-अलग मॉडल, कीमत और कार की स्थिति की तुलना कर सकते हैं, जिससे सही वाहन चुनना पहले से कहीं आसान हो गया है।

मध्यम वर्ग और पहली बार कार खरीदने वालों के लिए सेकेंड हैंड कार सबसे किफायती विकल्प बनकर उभरी है। नई कार की तुलना में कम कीमत पर बेहतर मॉडल और ज्यादा फीचर्स मिल जाते हैं। इसके अलावा बीमा, रजिस्ट्रेशन और शुरुआती खर्च भी अपेक्षाकृत कम होते हैं। यही कारण है कि सीमित बजट वाले ग्राहक तेजी से इस बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अच्छी स्थिति वाली पुरानी कार कम खर्च में कई वर्षों तक बेहतर प्रदर्शन दे सकती है।

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते सेकेंड हैंड कार बाजारों में शामिल हो सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, आसान लोन और ग्राहकों के बढ़ते विश्वास ने इस बाजार को नई रफ्तार दी है। वहीं नई कार बनाने वाली कंपनियां भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक्सचेंज बोनस, डिस्काउंट और विशेष ऑफर लेकर आ रही हैं। इसके बावजूद पुरानी कारों की बढ़ती लोकप्रियता बाजार की बदलती दिशा को साफ तौर पर दिखा रही है।

सेकेंड हैंड कार खरीदते समय जल्दबाजी करने से बचना चाहिए। वाहन के सभी दस्तावेज, आरसी, इंश्योरेंस, सर्विस रिकॉर्ड और दुर्घटना का इतिहास जरूर जांचें। इंजन, ब्रेक, टायर और सस्पेंशन की किसी अनुभवी मैकेनिक से जांच कराना भी समझदारी होगी। यदि कार किसी प्रमाणित डीलर या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से खरीदी जाए तो भविष्य में परेशानी की संभावना काफी कम हो जाती है। सही जांच-पड़ताल के बाद खरीदी गई सेकेंड हैंड कार कम बजट में बेहतरीन सौदा साबित हो सकती है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: News1India