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आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह का सम्राट सरकार पर बड़ा हमला, 'रिशु श्री' और '5 किलो' के व्हाट्सएप चैट का हवाला देकर सरकार को घेरा                             व्हाट्सएप चैट का खुलासा और '5 किलो' का रहस्यसेवा विस्तार और अधिकारियों के तबादले पर सवालसंसद से लेकर विधानसभा तक मामले को उठाएगी आरजेडी

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह का सम्राट सरकार पर बड़ा हमला, 'रिशु श्री' और '5 किलो' के व्हाट्सएप चैट का हवाला देकर सरकार को घेरा व्हाट्सएप चैट का खुलासा और '5 किलो' का रहस्यसेवा विस्तार और अधिकारियों के तबादले पर सवालसंसद से लेकर विधानसभा तक मामले को उठाएगी आरजेडी

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह इनदिनों प्रदेश की सम्राट सरकार पर हमलावर है। सुधाकर सिंह आएदिन प्रेस-वार्ता का आयोजन कर सरकार पर हमले बोले रहे है। इसी कड़ी आज एकबार फिर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के सरकारी खजाने को बेरहमी से लूटा जा रहा है। सुधाकर सिंह ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने 'रिशु श्री' मामले में आनंद किशोर के संबंधों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। सांसद ने सवाल उठाया कि क्या जब भी विपक्ष मीडिया के समक्ष भ्रष्टाचार को उजागर करेगा, तभी सरकार की नींद खुलेगी? उन्होंने मांग की कि हजारों करोड़ रुपये की इस लूट के सामने आए तथ्यों पर सरकार को तुरंत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

आरजेडी सांसद ने एक कथित व्हाट्सएप चैट का हवाला देते हुए सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने कहा कि रिशु श्री और आईएएस अधिकारी संतोष कुमार मल के बीच का चैट सामने आया है, जिसमें संतोष कुमार मल ने लिखा कि रिशु श्री ने उन्हें 15 बार कॉल किया, लेकिन वे फोन नहीं उठा रहे हैं। चैट में संतोष कुमार मल ने यह भी लिखा कि 'मेरे ऊपर दबाव है'। सुधाकर सिंह ने सवाल दागा कि आखिर संतोष कुमार मल के ऊपर किसका दबाव था? इसके अलावा चैट में '5 किलो' देने का भी जिक्र है, जिसे न मिलने पर बर्बादी की बात कही गई है। सांसद ने पूछा कि यह 5 किलो सोना था या पैसा, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक नहीं की।

सुधाकर सिंह ने प्रशासनिक फेरबदल और अधिकारियों के सेवा विस्तार पर भी गंभीर सवाल खड़ा किए। उन्होंने चारा घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि लालू यादव को कोर्ट ने इसलिए दंड दिया क्योंकि उनके खिलाफ सबूत थे और उन्होंने तत्कालीन विभाग के प्रस्ताव पर एक अधिकारी का सेवा विस्तार किया था। तो फिर इस मामले में तारिणी दाश के सेवा विस्तार पर जांच क्यों नहीं हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार रवि द्वारा रातों-रात जॉइंट सेक्रेटरी को बदलकर, नए जॉइंट सेक्रेटरी को बहाल किया गया और उससे फाइल आगे बढ़वाई गई। इसके बाद तत्कालीन मंत्री जयंत राज से हस्ताक्षर कराकर सेवा विस्तार का खेल खेला गया।

सांसद ने केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED) और बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस मामले में आर्थिक अपराध के एडीजी पंकज दराद का तबादला कर दिया गया, जिससे साफ है कि आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में केवल लीपापोती करना चाहती है। सुधाकर सिंह ने पूछा कि इतने बड़े घोटाले के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद भी ईडी ने तत्कालीन मंत्री जयंत राज और आनंद किशोर को समन जारी क्यों नहीं किया? ईडी पर आखिर किसका दबाव है कि दर्जनों अधिकारियों के संदिग्ध सेवा विस्तार मामले के बाद भी किसी से पूछताछ नहीं की जा रही है।

सुधाकर सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस पूरे महाघोटाले में सत्ता में बैठे बड़े और रसूखदार लोगों का हाथ है, यही वजह है कि पूरे मामले को दबाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े चेहरों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों और लोगों पर दबाव बनाकर उन पर जुर्म मढ़ा जा रहा है। सांसद ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनता दल इस भ्रष्टाचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले को बिहार विधानसभा से लेकर देश की संसद (लोकसभा) तक में पूरी मजबूती के साथ उठाने का काम करेगी।

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