अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा, दान और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। गया के गांधी मैदान गेट नंबर-7 के पास कांग्रेस पार्टी और 'श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति' के संयुक्त बैनर तले विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छह प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुना ने की। कार्यक्रम में संघर्ष समिति के संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्ठू सहित कांग्रेस के कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर से जुड़े दान, चढ़ावे और अन्य मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और उठे विवादों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
धरना स्थल से सरकार के समक्ष छह मांगें रखी गईं। इनमें कथित मामले की एसआईटी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने, संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, शुरुआत से अब तक मिले चढ़ावे और दान का स्वतंत्र ऑडिट कराने, सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने तथा प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर बयान देने और श्रद्धालुओं से माफी मांगने की मांग शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल गया तक सीमित नहीं रहेगा। तीसरे चरण में जिले के सभी 24 प्रखंडों, 332 ग्राम पंचायतों और गांव-मुहल्लों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद अयोध्या तक मार्च करने की रणनीति भी बनाई जाएगी।
कार्यक्रम के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने अपनी छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम ईमेल, डाक और अन्य माध्यमों से भेजने की जानकारी दी।

