कैमूर के करमचट डैम से पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश के कारण दुर्गावती नदी का जलस्तर मंगलवार की देर शाम अचानक तेजी से बढ़ गया। नदी में पानी बढ़ने से कुदरा-रामपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और दो पुलिया पानी में डूब गईं।
वहीं मोहनिया-भभुआ मुख्य मार्ग पर रतवार के समीप नदी का पानी ओवरफ्लो होकर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ने लगा है। हालात को देखते हुए बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी और एसडीपीओ दयानंद कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नदी और आसपास के इलाकों का जायजा लिया और पानी के बहाव की स्थिति को समझने की कोशिश की। प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुट गई।
बताया जा रहा है कि दुर्गावती नदी में अचानक बढ़े पानी का बहाव अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ने लगा है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।
मोहनिया एसडीपीओ दयानंद कुमार ने बताया कि करमचट डैम से पानी आने और बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। पानी का बहाव पावर हाउस की दिशा में भी बढ़ रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पानी पावर हाउस की ओर अधिक न बढ़े और निचले इलाके रामगढ़, कुढ़नी/कुछिला और नुआंव की दिशा में भी स्थिति गंभीर न हो।अधिकारी ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए मौके पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। पानी के बहाव और उसके रुख पर नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर डायल-112 की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मियों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।दुर्गावती नदी के अचानक बढ़े जलस्तर ने इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है। सड़क और पुलिया के डूबने के बाद आवागमन प्रभावित होने लगा है। अब लोगों की निगाहें नदी के जलस्तर और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि बारिश जारी रही और डैम से पानी का प्रवाह बढ़ा, तो निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात और गंभीर हो सकते हैं।

