- विपक्ष ने बिहार की एनडीए सरकार के 21 वर्षों के शासनकाल और 12 वर्षों की 'डबल इंजन' सरकार की उपलब्धियों पर कड़ा प्रहार किया है। एक लंबे विस्तृत बयान में सरकार को साक्षरता, आय, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे 31 प्रमुख पैमानों पर देश में सबसे फिसड्डी बताया गया है।
बयान में मुख्यमंत्री और दोनों उप-मुख्यमंत्रियों को इन आंकड़ों पर सार्वजनिक बहस करने की खुली चुनौती दी गई है।
बयान में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि बिहार आज भी देश में सबसे कम साक्षरता दर और सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य बना हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता की कमी, सबसे खराब 'प्यूपिल-टीचर रेशियो' (छात्र-शिक्षक अनुपात) और स्कूल ड्रॉप-आउट रेट में बिहार के शीर्ष पर होने को सरकार की 'आसमानी विफलता' करार दिया गया है।
क्या है तेजस्वी के पोस्ट किए 31 सवाल
ퟐퟏ वर्षों की 퐍퐃퐀 सरकार और ퟏퟐ वर्षों की डबल इंजन सरकार के कर कमलों से 퐥 विगत दो दशकों से शिक्षा-रोजगार-आय, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश तथा स्वास्थ्य सेवा-सुविधा और पोषण से लेकर अधिकांश सामाजिक, मानवीय और आर्थिक संकेतकों में बिहार सबसे निचले पायदानों पर है। बिहार को सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य बताने पर भ्रष्ट शासकों को अपमान लगता है क्योंकि यह इनके सफेद झूठ व अपार असफलता का पर्दाफाश कर इनकी सच्चाई को उजागर करता है इसलिए एनडीए के कर्णधारों को यह असहनीय दर्द-पीड़ा होती है।
बिहार की यह स्थिति ퟐퟏ वर्षों से बनी हुई है लेकिन निर्लज्ज, नाकाम, नकारा और निक्कमी सरकार हर बात में विपक्ष पर दोषारोपण कर अपनी राजक नीतियों, सफेद झूठ और खोखले दावों के बोझ तले अपनी आसमानी विफलता को छुपाने का असफल प्रयास करती है। अगर मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो बिहार की प्रगति व बेहतरी के लिए इस यथार्थ और सरकार के अपने ही आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे जब चाहे, जहाँ चाहे, जैसे चाहे सार्वजनिक बहस कर सकते हैं। अब आँख-कान और दिमाग खोलकर इन तथ्यों पर गौर फ़रमाइए:-
देश में सबसे कम साक्षरता दर बिहार में है।
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय बिहार की है।
देश में सबसे कम किसानों की आय बिहार की है।
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति निवेश बिहार में है।
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति उपभोग बिहार में है।
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति ग्रामीण आय बिहार में है।
देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति बिजली खपत बिहार में है।
देश में सबसे अधिक अपराध बिहार में है।
देश में सबसे अधिक गरीबी बिहार में है।
देश में सबसे अधिक पलायन बिहार से है।
देश में सबसे अधिक बेरोज़गारी बिहार में है।
देश में सबसे अधिक हिंसक अपराध और अपहरण बिहार में है।
भारत के ퟓퟎ सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे अधिक शहर बिहार के है।
देश में सबसे अधिक ग्रामीण युवा बेरोज़गार बिहार से है।
सबसे अधिक शहरी बेरोज़गार युवा भी बिहार के ही है।
सबसे अधिक 퐒퐜퐡퐨퐨퐥 퐃퐫퐨퐩 퐎퐮퐭 퐑퐚퐭퐞 बिहार में है।
सबसे ख़राब 퐏퐮퐩퐢퐥-퐓퐞퐚퐜퐡퐞퐫 퐑퐚퐭퐢퐨 बिहार का है।
देश में सबसे कम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिहार में है।
प्रति एक लाख आबादी पर सबसे कम कॉलेज बिहार में हैं।
देश में सबसे कम 퐂퐃퐑 (퐂퐫퐞퐝퐢퐭 퐃퐞퐩퐨퐬퐢퐭 퐑퐚퐭퐢퐨) साख-जमा अनुपात बिहार का है।
퐊퐂퐂 퐋퐨퐚퐧 के अन्तर्गत किसानों को देश में सबसे कम कृषि ऋण बिहार में मिलता है।
नीति आयोग के सतत्त विकास के लक्ष्य और विकास के तमाम सूचकांकों में बिहार सबसे नीचे है।
देश में सबसे अधिक '퐔퐧퐝퐞퐫퐰퐞퐢퐠퐡퐭' (कम वजन के) बच्चे बिहार में है।
देश में सबसे अधिक बच्चे '퐒퐭퐮퐧퐭퐞퐝' यानि बौने बिहार के हैं।
देश में सबसे अधिक 퐀퐧퐚퐞퐦퐢퐜 यानि खून की कमी से पीड़ित महिलाए बिहार में है।
퐌퐮퐥퐭퐢 퐝퐢퐦퐞퐧퐬퐢퐨퐧퐚퐥 퐩퐨퐯퐞퐫퐭퐲 सबसे अधिक बिहार में है।
देश में सबसे अधिक डॉक्टरों के पद बिहार में रिक्त हैं। लगभग ퟓퟖ% पद रिक्त है।
देश में सबसे अधिक झोपड़ी में रहने वाले लोग बिहार के है। बिहार की ퟏퟒ% आबादी झोपड़ी में रहती है।
आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं में देश में सबसे पीछे बिहार है।
स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं में देश में सबसे पीछे बिहार है।
औद्योगीकरण, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश में बिहार सबसे फिसड्डी है।
गंभीरता से इस पर मनन करो और बताओ ퟐퟏ वर्षों के शासन बाद भी बिहार विकास के इन सभी संकेतकों में राष्ट्रीय औसत से अत्यधिक कम क्यों है? जब तक आप समस्या को चिह्नित कर उसका समाधान नहीं करेंगे तब तक अपनी असफलता छुपाने के लिए हर बार ऐसे ही चुनावों में चुनाव आयोग जैसी संस्था, भ्रष्ट अधिकारियों की चौकड़ी, सरकारी तंत्र का दुरुपयोग और मदद, ퟏퟎ हज़ार नगद और ퟏ करोड़ नौकरी व हर महिला को ퟐ लाख रुपए बांटने जैसे सफेद झूठ बोलना पड़ेगा।

