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Bihar News : भागलपुर में रिटायर्ड जवान की दिखी अनोखी भक्ति और समर्पण, जन कल्याण के लिए खुद को जंजीर में जकड़कर देवघर हुआ रवाना

Bihar News : भागलपुर में रिटायर्ड जवान की दिखी अनोखी भक्ति और समर्पण, जन कल्याण के लिए खुद को जंजीर में जकड़कर देवघर हुआ रवाना

सावन और श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले ही बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सुल्तानगंज के कच्ची कांवड़िया पथ से भक्ति की एक बेहद अनोखी और अद्भुत तस्वीर सामने आई है।

यहाँ देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त जवान बाबा भोलेनाथ की भक्ति में पूरी तरह डूबे नजर आए। वे भीषण तपन के बावजूद खुद को लोहे की भारी-भरकम जंजीरों में जकड़कर 'डाक कांवड़' यात्रा पर निकल पड़े हैं, जिसे देखकर हर कोई दंग है।

अनोखी आस्था का परिचय देने वाले इस शिवभक्त की पहचान शेखपुरा जिले के एकड़ा गांव निवासी राम उदय सिंह के रूप में हुई है। राम उदय सिंह सुल्तानगंज की पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा नदी से गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए रवाना हुए हैं। खास बात यह है कि डाक कांवड़ उठाने के कारण वे बिना कहीं रुके या विश्राम किए, लगातार दौड़ते हुए देवघर की दूरी तय कर रहे हैं। उनके शरीर पर बंधी जंजीरें और उनके संकल्प को देखकर कच्ची कांवड़िया पथ पर मौजूद अन्य यात्री और स्थानीय लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान मीडिया और श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए पूर्व सैनिक राम उदय सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरे 18 साल तक भारतीय सेना में रहकर देश की सीमा पर अपनी सेवाएं दी हैं। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद से ही उनके मन में बाबा भोलेनाथ के प्रति अगाध श्रद्धा जागृत हुई और तब से वे हर साल लगातार बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले की यात्राओं में वे सामान्य रूप से सुराही कांवड़ लेकर चलते थे, लेकिन इस साल उन्होंने भगवान के प्रति समर्पण का एक अलग रास्ता चुना।

जब उनसे खुद को जंजीरों में जकड़कर इतनी कठिन यात्रा करने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सादगी से जवाब दिया कि वे यह कठिन तपस्या किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और 'जन कल्याण' के लिए कर रहे हैं। उनका संकल्प है कि देश और समाज में चारों ओर सुख, शांति और समृद्धि का वास हो और सभी लोग निरोगी रहें। इस परमार्थ की भावना के साथ वे भारी जंजीरों का दर्द भूलकर लगातार बाबा धाम की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

कच्ची कांवड़िया पथ पर जंजीरों में जकड़े इस पूर्व सैनिक को कांवड़ लेकर चलते देखने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं और आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ रही है। हर कोई उनकी इस कठिन साधना, अनोखी भक्ति और देश सेवा के बाद अब प्रभु सेवा के प्रति उनके जज्बे को सलाम कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक, उनकी यह अनोखी तस्वीर और अटूट समर्पण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे साक्षात शिवभक्ति का रूप मान रहे हैं।

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