बिहार में पिछले 10 सालों से शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद धड़ल्ले से राज्य में अवैध शराब की करोबार जारी है। इसी बीच बेगूसराय से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां शिक्षा का मंदिर ही मयखाना बन गया है।
पुलिस ने स्कूल से भारी मात्रा में शराब बरामद की है। इस घटना ने एक बार फिर शराबबंदी कानून पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, पूरा मामला बछवारा थाना क्षेत्र के सिसवा गांव स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में स्कूल के शौचालय को ही शराब का गोदाम बना दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि एक मासूम छात्र ने शौचालय में रखी शराब को पेय पदार्थ समझकर पी लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, छात्र स्कूल के पीछे स्थित बंद पड़े शौचालय के पास पहुंचा, जहां शराब की पेटियां रखी हुई थीं।
खेल-खेल में उसने वहां से बोतल उठाकर पी ली। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई और वह नशे की हालत में घर पहुंचा। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जब बच्चे की तबीयत में सुधार हुआ तो पूछताछ में उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग स्कूल पहुंचे और जब शौचालय का दरवाजा खोला गया तो अंदर भारी मात्रा में शराब की पेटियां बरामद हुईं। यह दृश्य देख सभी लोग हैरान रह गए।
वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए करीब 25 पेटियां शराब जब्त कर ली। हालांकि, इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं आखिर स्कूल परिसर जैसे संवेदनशील स्थान तक तस्करों की पहुंच कैसे हुई? क्या इसमें किसी की मिलीभगत है या निगरानी पूरी तरह विफल हो चुकी है? घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि जहां बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, वहीं उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

