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Bihar News: काली बिरनी के झुंड का कहर, दतवन तोड़ने गई महिला को सैकड़ों भौंरों ने काटा, इलाज के दौरान मौत

Bihar News: काली बिरनी के झुंड का कहर, दतवन तोड़ने गई महिला को सैकड़ों भौंरों ने काटा, इलाज के दौरान मौत

बांका जयपुर थाना क्षेत्र के दोनिहार गांव में काली बिरनी (भौंरों) के झुंड के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घर के समीप झाड़ियों में नीम की दतवन तोड़ने गई 55 वर्षीय रुकमणि देवी पर अचानक सैकड़ों बिरनियों ने हमला बोल दिया।

गंभीर हालत में महिला को पहले कटोरिया रेफरल अस्पताल और फिर देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।

जानकारी के मुताबिक रुकमणि देवी अपने घर के पास झाड़ियों में दतवन तोड़ने गई थीं। इसी दौरान झाड़ी में मौजूद काली बिरनियों के झुंड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। देखते ही देखते भौंरों ने महिला को चारों तरफ से घेर लिया। डंक के ताबड़तोड़ हमले से महिला दर्द से चीखने लगीं।महिला की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन रुकमणि देवी को बचाने की कोशिश करने वालों पर भी बिरनियों ने हमला कर दिया। कुछ देर तक ग्रामीणों में अफरातफरी मची रही। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण महिला को झाड़ियों से बाहर निकालने में सफल हुए।

इसके बाद गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस को फोन किया गया। एंबुलेंस गांव की ओर पहुंची, लेकिन रास्ते में नदी का पानी बाधा बन गया। नदी में पानी अधिक होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय महिला को खाट पर लादकर नदी तक पहुंचाया।ग्रामीणों ने किसी तरह नदी पार कराई और इसके बाद महिला को कटोरिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर कर दिया। रुकमणि देवी को देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतका की पहचान रुकमणि देवी, पति मुख्तियार यादव के रूप में हुई है। वह अपने पीछे दो पुत्र अन्हू यादव और उमेश यादव समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा दोनिहार नदी पर पुल नहीं होने को लेकर फूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर पुल होता तो एंबुलेंस सीधे गांव तक पहुंच सकती थी और महिला को समय रहते अस्पताल ले जाया जा सकता था। उनका आरोप है कि बरसात में नदी का पानी बढ़ने के बाद गांव की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो जाती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनिहार नदी पर जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज या घायल को इसी तरह जान जोखिम में डालकर अस्पताल न पहुंचाना पड़े।

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