बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को अपने पहले मुजफ्फरपुर दौरे पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के बाद उनका यह पहला मुजफ्फरपुर आगमन है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
वरीय अधिकारियों की सीधी देखरेख में कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का इन दिनों लगातार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा जारी है। वे खुद जमीन पर जाकर अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को वे मुजफ्फरपुर जिले के राजेपुर ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईपुर स्कूल के पास स्थित पंचायत सरकार भवन पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री राजेपुर में आयोजित होने वाले 'सहयोग शिविर' में मुख्य रूप से शिरकत करेंगे। उनके विशेष निर्देश के बाद अब बिहार के सभी प्रखंडों में महीने में दो मंगलवार को इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सरकार की इस अनूठी पहल का उद्देश्य 'अधिकारी आपके द्वार' की तर्ज पर आम जनता की समस्याओं का उनके ही गांव-मोहल्ले में जाकर समाधान करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी खुद जनता के बीच जाकर उनके सरकारी कार्यों और परेशानियों को निपटाएंगे। सरकार ने इसके लिए 30 दिनों की सख्त समय-सीमा तय की है। तय अवधि के भीतर काम पूरा न करने वाले और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ 30 दिनों के बाद सीधे कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस अहम कार्यक्रम को लेकर मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। दोनों आला अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहकर सुरक्षा और अन्य तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद किया गया है और खुद एसएसपी इसकी पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

