शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि इस बार शिक्षक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या भेदभाव की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद शिक्षकों को सुविधा देने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य के सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है। जब तक विद्यालयों में जरूरत के मुताबिक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ कई दौर की समीक्षा हो चुकी है। विभाग की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शेड्यूल जारी होने के बाद शिक्षक तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नियमों और पात्रता के आधार पर ही स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष होगी, जिससे शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों में उम्मीद जगी है। अब सबकी निगाहें विभाग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक शेड्यूल पर टिकी हैं।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज गोपालगंज दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध थावे मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद वह समाहरणालय परिसर में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। वहीं भाजपा के जिला सम्मेलन में भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।इस दौरान शिक्षा मंत्री ने राज्य के शिक्षकों के तबादले को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत ट्रांसफर की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। विभाग जल्द ही शिक्षकों के तबादले को लेकर विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा।

