प्रदेश में आकाशीय बिजली ने ऐसा कहर बरपाया कि कई परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। अलग-अलग जिलों में वज्रपात की घटनाओं में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
मृतकों में दो छात्र, एक मां-बेटा और खेतों में काम कर रही दो महिलाएं शामिल हैं। हादसों के बाद प्रभावित इलाकों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
समस्तीपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र की मधुरापुर टारा पंचायत में खेत में बैंगन तोड़ रही सविता देवी (40) और उनके 13 वर्षीय बेटे अभिषेक कुमार पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद 10 वर्षीय प्रिंस गंभीर रूप से झुलस गया। उधर, बिरौली घाट पर जलाभिषेक के लिए पहुंचे दो श्रद्धालु और करीब आधा दर्जन दुकानदार भी वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गए।
बांका जिले में भी बिजली ने जमकर तबाही मचाई। शंभूगंज और धोरैया में धान की रोपनी कर रहीं नीलू देवी और गुलिस्ता खातून की जान चली गई। कटोरिया में नदी में स्नान करने गई सिरिया देवी की वज्रपात से मौत हो गई, जबकि बरौथा गांव में स्कूल से घर लौट रहे चौथी कक्षा के छात्र आर्यन की भी ठनका गिरने से मौत हो गई।
भागलपुर के अकबरनगर में झोपड़ी पर बिजली गिरने से 10वीं के छात्र अमृत की मौत हो गई। वहीं सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर प्रखंड में धान की निकौनी कर रहे 6 मजदूर वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां सुशीला देवी की हालत नाजुक बनी हुई है।लगातार हो रहे वज्रपात ने एक बार फिर मौसम के खतरनाक मिजाज की चेतावनी दे दी है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खेतों, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

