बिहार में मानसून अब पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुका है और आने वाले दिनों में मौसम का मिज़ाज और भी तेवर दिखा सकता है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी से लबरेज पूर्वी हवाएं बिहार की ओर बढ़ रही हैं।
इसके साथ ही मानसून ट्रफ राज्य के आसपास सक्रिय है, जबकि ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से घने बादलों का तेजी से विकास हो रहा है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है।
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने बुधवार को राज्य के 10 जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुपौल और अररिया में अत्यधिक बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, औरंगाबाद और किशनगंज में येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से एहतियात बरतने की अपील की गई है।
आरा, गया, बेतिया, सुपौल और किशनगंज समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। राजधानी पटना में दिनभर बादलों का डेरा रहेगा और कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज़ हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार पूरे बिहार में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। खासकर उत्तर बिहार के जिलों में दक्षिण बिहार की तुलना में अधिक बारिश होने के आसार हैं।
मंगलवार को पटना का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। हालांकि बुधवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। बारिश राहत भी लाएगी, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है।

