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डॉ. इंदिरा झा की बाल कथा संग्रह "गोलू गिलहरी के 21 मंत्र" का भव्य लोकार्पण, जुटे नामचीन साहित्यकार                             प्रो. अरुण कमल ने किया पुस्तक का विमोचनखेल-खेल में संस्कार देंगी 21 नीतिकथाएंनई शिक्षा नीति के अनुकूल है पुस्तकप्रशासनिक अधिकारियों और दिग्गजों ने सराहा

डॉ. इंदिरा झा की बाल कथा संग्रह "गोलू गिलहरी के 21 मंत्र" का भव्य लोकार्पण, जुटे नामचीन साहित्यकार प्रो. अरुण कमल ने किया पुस्तक का विमोचनखेल-खेल में संस्कार देंगी 21 नीतिकथाएंनई शिक्षा नीति के अनुकूल है पुस्तकप्रशासनिक अधिकारियों और दिग्गजों ने सराहा

राजधानी पटना के रुकनपुरा (बेली रोड) स्थित होटल गोल्डन पाम में शुक्रवार को एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रसिद्ध लेखिका डॉ. इंदिरा झा द्वारा रचित बाल कथा संग्रह "गोलू गिलहरी के 21 मंत्र" का विधिवत लोकार्पण किया गया।

इस खास मौके पर शहर के कई नामचीन साहित्यकार, शिक्षाविद्, प्रबुद्ध अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।

इस भव्य लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलसचिव डॉ. समीर कुमार शर्मा ने की। वहीं, पुस्तक का विमोचन देश के प्रख्यात साहित्यकार एवं कवि प्रोफेसर अरुण कमल के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। बाल साहित्य की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पुस्तक की सबसे पहली प्रति एक बाल पाठक चिरंजीव शौर्य को भेंट कर उसे सम्मानित किया गया।

अपनी पुस्तक का परिचय देते हुए लेखिका डॉ. इंदिरा झा ने बताया कि इस संग्रह में कुल 21 नीतिपरक और रोचक कहानियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और मोबाइल युग में बच्चों के भीतर नैतिक मूल्यों को रोपित करना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस किताब के माध्यम से अभिभावक खेल-खेल में या सोते समय (बेडटाइम स्टोरीज) बच्चों को ईमानदारी, दया और परिश्रम जैसे मानवीय गुणों से सहजता से रूबरू करा सकते हैं।

विमोचनकर्ता प्रो. अरुण कमल ने लेखिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के लिए लिखना साहित्य की सबसे कठिन विधा है, जिसे डॉ. इंदिरा ने अपनी सरल भाषा से बेहद सुगम बना दिया है। वहीं मुख्य अतिथि डॉ. समीर कुमार शर्मा ने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति (NEP) में भी नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया गया है, और यह पुस्तक उसी दिशा में एक बेहद सराहनीय और सार्थक कदम है।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑल इंडिया इंग्लिश स्टडीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार यादव और पुणे के इनकम टैक्स कमिश्नर राकेश झा भी उपस्थित थे। राकेश झा ने कहा कि प्रशासनिक व्यस्तता के बीच यह किताब बच्चों को महज 10 मिनट में एक अच्छा संस्कार देने में सक्षम है। कार्यक्रम का सफल संचालन स्वयं लेखिका ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री पी. सी. झा द्वारा किया गया।

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