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एस.एन. सिन्हा कॉलेज में 'छोटे साहब' की प्रतिमा का अनावरण, मंत्री संजय टाइगर ने किया स्मारिका का विमोचन                             स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि'छोटे साहब' के ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद, मंत्री ने बताया कुशल प्रशासकवर्ष 1967 में स्थापित हुआ था कॉलेज, अनुग्रह नारायण सिंह के विरासत की हुई चर्चामहापुरुषों के आदर्शों पर चलने का लिया गया संकल्प

एस.एन. सिन्हा कॉलेज में 'छोटे साहब' की प्रतिमा का अनावरण, मंत्री संजय टाइगर ने किया स्मारिका का विमोचन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि'छोटे साहब' के ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद, मंत्री ने बताया कुशल प्रशासकवर्ष 1967 में स्थापित हुआ था कॉलेज, अनुग्रह नारायण सिंह के विरासत की हुई चर्चामहापुरुषों के आदर्शों पर चलने का लिया गया संकल्प

जिले के वारिसलीगंज स्थित एस.एन. सिन्हा कॉलेज परिसर में शनिवार को एक भव्य और गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार टाइगर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सत्येंद्र नारायण सिन्हा (जिन्हें सादर 'छोटे साहब' के नाम से जाना जाता है) और स्वर्गीय श्याम सुंदर सिंह की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया।

इसके साथ ही मंत्री ने नवनिर्मित 'श्याम सुंदर सभागार' का विधिवत उद्घाटन किया और कॉलेज की एक विशेष स्मारिका का विमोचन भी किया।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे और गणमान्य लोग एकजुट हुए। समारोह में स्थानीय राजद विधायक अनीता देवी, भाजपा की पूर्व विधायक अरुण देवी और पूर्व विधायक प्रदीप महतो मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में जिले के गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध शिक्षक, शिक्षाविद्, भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय आम जनता उपस्थित रही, जिन्होंने महापुरुषों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

प्रतिमा अनावरण और उद्घाटन के पश्चात समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री संजय कुमार टाइगर ने 'छोटे साहब' स्वर्गीय सत्येंद्र नारायण सिन्हा के जीवन-वृत्त और बिहार के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र बाबू बिहार के एक बेहद वरिष्ठ व सम्मानित राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी शिक्षाविद् और अत्यंत कुशल प्रशासक थे। वे बिहार के मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित कर चुके थे और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का ही परिणाम था कि वे कई बार लोकसभा और बिहार विधानसभा के लिए चुने गए।

मंत्री ने 'छोटे साहब' के पारिवारिक और राजनीतिक इतिहास की चर्चा करते हुए बताया कि उनके पिता डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री व स्वतंत्रता आंदोलन के महानतम नेताओं में से एक थे। सत्येंद्र बाबू को अपने पिता से ही शिक्षा और समाज सेवा की प्रेरणा मिली थी। शिक्षा के प्रति उनकी गहरी रुचि के कारण ही बिहार भर में अनेक शिक्षण संस्थानों की स्थापना हुई, जिसमें वर्ष 1967 में स्थापित वारिसलीगंज का यह एस.एन. सिन्हा कॉलेज भी शामिल है, जो वर्तमान में मगध विश्वविद्यालय का एक प्रतिष्ठित अंगीभूत (Constituent) महाविद्यालय है।

समारोह के अंतिम चरण में कॉलेज प्रशासन, अतिथियों और उपस्थित छात्रों ने सामूहिक रूप से छोटे साहब के विचारों, उच्च आदर्शों और उनके शिक्षा प्रेम के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। मंत्री संजय टाइगर ने विशेष रूप से छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और स्वयं के साथ-साथ समाज को मजबूत करें। स्थानीय विधायक अनीता देवी ने कॉलेज की सुविधाओं में विस्तार की बात कही, जबकि पूर्व विधायकों ने इसे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा दिवस बताया।

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