राजधानी पटना स्थित सूबे के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) से एक बार फिर डॉक्टरों की दबंगई और गुंडई का शर्मनाक मामला सामने आया है। अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों ने पीएमसीएच में ही कार्यरत एक स्टाफ नर्स के परिजनों के साथ जमकर मारपीट की।
इस घटना के बाद से पूरे अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच ही टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पीएमसीएच में तैनात एक नर्स के पति का अस्पताल के ही आईसीयू (ICU) में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही अचानक नर्स के पति की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पीड़ित नर्स और उनके परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही और कोताही बरतने का सीधा आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि अगर समय रहते सही इलाज मिला होता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
लापरवाही का आरोप लगते ही आईसीयू में मौजूद इंटर्न डॉक्टर आपे से बाहर हो गए। उन्होंने अपनी ही सहकर्मी (नर्स) के परिजनों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी और देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि इंटर्न डॉक्टरों ने परिजनों के साथ मारपीट पर उतर आएं, जिससे वहां मौजूद अन्य मरीज और उनके तीमारदार खौफ में आ गए।
अपने ही विभाग की नर्स के परिजनों के साथ हुई इस बर्बरता के खिलाफ पीएमसीएच की तमाम नर्सें एकजुट हो गईं और उन्होंने अस्पताल में मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित नर्सों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। नर्सों के इस विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं। हंगामा कर रही नर्सों का कहना था कि अस्पताल में उनके खुद के परिवार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा।
हंगामा कर रही नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों ने इस पूरी मारपीट की घटना के मुख्य आरोपी इंटर्न डॉक्टर सौरभ कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि आरोपी डॉक्टर सौरभ कुमार को तुरंत पद से बर्खास्त कर हटाया जाए और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। नर्सों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर आरोपी डॉक्टर पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगी।

