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पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी कुख्यात फुरकान ढेर, कैराना पलायन का मुख्य सूत्रधार था आरोपी                             कैराना पलायन का मुख्य सूत्रधार: 30 से अधिक आपराधिक मुकदमे थे दर्ज2016 में उठा था पलायन का मुद्दा, तत्कालीन DGP ने घोषित किया था इनाममुकीम काला गैंग का साथी, जेल से छूटकर फिर से था फरारएनकाउंटर के बाद इलाके में राहत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी कुख्यात फुरकान ढेर, कैराना पलायन का मुख्य सूत्रधार था आरोपी कैराना पलायन का मुख्य सूत्रधार: 30 से अधिक आपराधिक मुकदमे थे दर्ज2016 में उठा था पलायन का मुद्दा, तत्कालीन DGP ने घोषित किया था इनाममुकीम काला गैंग का साथी, जेल से छूटकर फिर से था फरारएनकाउंटर के बाद इलाके में राहत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

त्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार दोपहर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1 लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी फुरकान को दिनदहाड़े एनकाउंटर में मार गिराया। यह मुठभेड़ झिंझाना थाना क्षेत्र स्थित रंगाना फार्म के पास हुई।

गश्त के दौरान पुलिस को क्षेत्र में बदमाशों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में फुरकान को गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

कुख्यात फुरकान का खौफ केवल कैराना ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों में फैला हुआ था। उस पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और जानलेवा हमले के करीब 30 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। फुरकान को कैराना से व्यापारियों और आम लोगों के पलायन का मुख्य सूत्रधार माना जाता था। करीब 20 साल पहले व्यापारी रोहताश की हत्या से फुरकान अपराध की दुनिया में चर्चा में आया था, जिसके बाद 2014 में उसने रंगदारी न देने पर व्यापारी विनोद की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी, जिससे कैराना में भारी खौफ पैदा हो गया था।

वर्ष 2016 में कैराना के तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने क्षेत्र से 346 परिवारों के पलायन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद तत्कालीन डीजीपी ने फुरकान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया था। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फुरकान मृतक व्यापारी विनोद के परिजनों को डरा-धमका रहा था, जिसके कारण वे अदालत में मुकदमे की पैरवी भी नहीं कर पा रहे थे।

कैराना और आसपास के इलाकों में एक समय मुकीम काला और फुरकान गैंग का समानांतर आतंक था। मुकीम गैंग को पुलिस पहले ही खत्म कर चुकी थी, लेकिन फुरकान लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। 2017 में कांधला से गिरफ्तारी, 2019 में नशा तस्करी और 2021 में गैंगस्टर एक्ट में सरेंडर के बावजूद वह बार-बार जमानत पर बाहर आ जाता था। चार-पांच महीने पहले ही जमानत पर बाहर आने के बाद वह कैराना और कांधला में लूट व हत्या के प्रयास के मामलों में वांछित चल रहा था और पुलिस बीते 4 वर्षों से उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

एनकाउंटर के बाद पुलिस प्रशासन ने फुरकान के आपराधिक इतिहास की पूरी हिस्ट्री निकाली और कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कैराना में लंबे समय से दहशत का पर्याय बने इस 1 लाख के इनामी के ढेर होने से स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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