लखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनाव "मैनेज" करके जीतती है और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकसभा चुनाव तक भाजपा को "करो या मरो" का आह्वान करना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि सपा कार्यकर्ताओं ने अंतिम समय तक डटे रहकर इंडिया गठबंधन को मजबूत किया और भाजपा को पूर्ण बहुमत से रोकने में भूमिका निभाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से वोटों की "लूट" हुई। उनके मुताबिक कुछ जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने हथियारों के बल पर लोकतंत्र को प्रभावित करने का प्रयास किया। मुरादाबाद की कुंदरकी सीट और मिल्कीपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुईं और सपा प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाया गया।
सपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी ने सभी तथ्यों के साथ चुनाव आयोग में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि "मल्टीलेयर इलेक्शन माफिया" सक्रिय है, जिसमें प्रशासनिक तंत्र, एजेंसियां और कुछ मीडिया संस्थान भी शामिल हैं।
उन्होंने ईडी और सीबीआई को भाजपा का सहयोगी बताते हुए कहा कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है और फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए ममता बनर्जी का हवाला दिया और कहा कि वहां जो हुआ, वैसा ही उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिला। उन्होंने काउंटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को मतगणना केंद्रों से बाहर कर दिया गया और "मतगणना नहीं, मनगणना" कराई जाती है।
अखिलेश यादव ने मांग की कि मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सीसीटीवी फुटेज लाइव किया जाए और शीर्ष अदालत इस पर तत्काल संज्ञान ले। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा अध्यक्ष ने हल्के अंदाज में कहा कि "हमारे एआई पंडित जो कहेंगे, वही करेंगे।"
उन्होंने विश्वास जताया कि 2012 की तरह एक बार फिर सपा सरकार बनाएगी और पार्टी का हर कार्यकर्ता तथा पीडीए वर्ग इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
