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प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से किया भारत में अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान

News85 2 days ago

यी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा है कि वे विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, महत्त्वपूर्ण खनिज, खनन, अवसंरचना, विमानन, रसद, उन्नत प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दूसरे दिन सुबह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ मेलबर्न में संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया-भारत मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंच तथा आर्थिक रोडमैप व्यावसायिक कार्यक्रम को संबोधित किया।

इन दोनों कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं उद्योग जगत के प्रमुख लोगों, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सेवानिवृत्ति निधियों तथा संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों और ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन तथा तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों के लिए नये व्यावसायिक अवसर पैदा हो रहे हैं।

भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्थाओं की परस्पर पूरकताओं का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, महत्त्वपूर्ण खनिज, खनन, अवसंरचना, शहरी विकास, विमानन, रसद, उन्नत प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भारत में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल पैमाना और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता दोनों देशों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और कहा कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा कौशल विकास में गहन सहयोग से दोनों देशों की प्रतिभाएं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगी और वैश्विक अवसरों का भी बेहतर लाभ उठा सकेंगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंच के उपरांत श्री मोदी ने आर्थिक रोडमैप व्यावसायिक कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों देशों के 200 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्वाभाविक सामंजस्य का उल्लेख करते हुए कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, भारत-प्रशांत क्षेत्र के प्रति समान दृष्टिकोण, सशक्त जन-से-जन संबंध तथा मजबूत राजनीतिक समझ दोनों देशों के बीच व्यावसायिक साझेदारी को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए अनुकूल आधार प्रदान करते हैं।

उन्होंने 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के आधार पर व्यापार एवं निवेश संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने का आह्वान किया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने उद्योग जगत से दोनों देशों की परस्पर पूरक क्षमताओं का लाभ उठाकर विशेष रूप से दुर्लभ मृदा खनिज, लिथियम, बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक्स, विद्युत वाहन, अर्धचालक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्रों में वैश्विक समाधान विकसित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि द्विपक्षीय व्यावसायिक संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए भारतीय राज्यों और ऑस्ट्रेलियाई प्रांतों के बीच उनकी विशिष्ट क्षमताओं के आधार पर गतिशील आर्थिक साझेदारियां स्थापित करना महत्त्वपूर्ण है। दोनों मंचों में हुई चर्चाओं से उत्पन्न सकारात्मक वातावरण और सार्थक विचारों का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक संबंध निरंतर प्रगति करते रहेंगे।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: News85