मुंबई, विशेषकर गोल्ड लोन के क्षेत्र में कारोबार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) मुथूट फिनकॉर्प ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनायी है।
कंपनी ने बताया कि उसके निदेशकमंडल ने नये इक्विटी शेयर जारी कर आईपीओ के जरिये 4,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। हालांकि अभी इस प्रस्ताव को नियामकीय मंजूरियां मिलनी शेष है।
मुथूट फिनकॉर्प ने बताया कि वह बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से आईपीओ लेकर आयेगा।
आईपीओ कंपनियों के लिए शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया है। नियमों के मुताबिक, सूचीबद्ध कंपनियों के कम से कम 25 प्रतिशत शेयर सार्वजनिक निवेशकों के पास होने चाहिए, यानी कंपनी के प्रवर्तक से अलग लोगों या संस्थानों के पास होने चाहिये।
नयी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए तीन साल के अंदर अपनी सार्वजनिक शेयरधारिता 25 प्रतिशत करनी जरूरी है जो वे सूचीबद्ध होते समय आईपीओ, उसके बाद ऑफर फॉर सेल (ओएफएफ) या दूसरे माध्यमों से शेयर बेचकर हासिल कर सकती हैं।
जिन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 50,000 करोड़ रुपये से अधिक है उन्हें इसके लिए पांच साल तक और जिनका बाजार पूंजीकरण एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है उन्हें 10 साल तक का समय मिल सकता है।
