सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह युवक पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का टीएमसी कार्यकर्ता नजरूल इस्लाम है, जो हिंदुओं को वोट के लिए धमका रहा था, जिसके बाद स्थानीय हिंदुओं ने उसे सबक सिखाया।
नोट-(वीडियो में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है।) पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है, "ये हैं नजरुल इस्लाम टीएमसी कार्यकर्ता, मुर्शिदाबाद में हिंदूओं को वोट के लिए धमका रहा था। कुछ हिंदूओं का ईमान जागा और नजरूल इस्लाम दुम दबाकर भागा।" पोस्ट का आर्काइव यहां देखें। ऐसे अन्य पोस्ट्स
Fb/anand.tomar.12Fact Check/Verofication
मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ता नजरूल इस्लाम की पिटाई के दावे से वायरल हुए वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसके कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें 17 जून, 2022 को नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वीडियो रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाला हिस्सा भी मौजूद है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना उत्तर प्रदेश के वाराणसी की है। उस दौरान सेना की 'अग्निपथ योजना' के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे थे।
बतौर रिपोर्ट, वाराणसी में प्रदर्शन के नाम पर कुछ उपद्रवी जबरन दुकानें बंद करा रहे थे। इससे नाराज होकर स्थानीय दुकानदारों ने मोर्चा संभाल लिया और उपद्रवियों की जमकर पिटाई कर दी थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि योजना का विरोध करते हुए भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर आगजनी की और रोडवेज़ की बसों को भी निशाना बनाया था। हालांकि, बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू किया था।
इसके अलावा, रिपोर्ट में मौजूद वीडियो को बारीकी से देखने पर हमें एक बोर्ड नजर आया, जिसपर स्पष्ट रूप से "टेलीफोन कालोनी, नगर निगम वाराणसी" लिखा हुआ है। इससे यह साफ़ होता है कि यह घटना वाराणसी की है, न कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की।
क्या इंडोनेशिया में आए भूकंप का है यह वायरल वीडियो?
Image Courtesy-NBTपड़ताल के दौरान हमें 17 जून, 2022 को
