पुलिस द्वारा दो लोगों को हथकड़ी लगाकर परेड कराए जाने का वीडियो गाजियाबाद के सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड का बताकर शेयर किया जा रहा है.
हालांकि, हमने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो गाजियाबाद का नहीं, बल्कि अप्रैल महीने में मध्य प्रदेश के मंदसौर में अरुण नामक एक युवक की हत्या की घटना से संबंधित है.
बीते 28 मई को गाजियाबाद के 17 वर्षीय सूर्या की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस घटना का मुख्य आरोपी असद उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया. इसी बीच गाजियाबाद ऑथोरिटी ने खोड़ा में असद के मकान पर नोटिस चिपकाकर उसे खाली करने का आदेश भी दिया है.
वायरल हो रहा वीडियो 21 सेकेंड का है, जिसमें पुलिस हथकड़ी लगे दो लोगों को सड़क पर घुमाती दिख रही है. वीडियो को
Courtesy: X/arunbajpairajanFact Check/Verification
गाजियाबाद के सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड से जोड़कर वायरल हो रहे इस वीडियो की पड़ताल में कीफ्रेम की मदद से रिवर्स इमेज सर्च में हमें अपना मंदसौर नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से 8 अप्रैल को अपलोड किया गया वीडियो मिला, जिसमें वायरल वीडियो से जुड़े दृश्य मौजूद थे. वीडियो के साथ मौजूद कैप्शन में लिखा हुआ था "अरुण हत्याकांड में बड़ा खुलासा".

ऊपर मिली जानकारियों के आधार पर कीवर्ड सर्च में हमें मध्य प्रदेश के एक स्थानीय मीडिया पोर्टल के यूट्यूब अकाउंट से 8 अप्रैल 2026 को अपलोड की गई वीडियो रिपोर्ट मिली. इस वीडियो रिपोर्ट में वायरल वीडियो से जुड़े दृश्य मौजूद थे. रिपोर्ट में बताया गया था कि पुलिस ने मंदसौर में अरुण नाम के युवक की चाक़ू से गोदकर हत्या करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला था.

जांच में हमें इस संबंध में दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर भी प्रकाशित रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो से जुड़े दृश्य मौजूद थे.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, 5 अप्रैल को एक पुराने विवाद में मंदसौर के गांधी चौराहे पर चाकूबाजी की घटना हुई थी, जिसमें 19 वर्षीय अरुण नामक एक युवक घायल हो गया था. घायल होने के बाद उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
घटना के तीन दिन बाद मंदसौर पुलिस ने इस मामले में रोहित चौहान और युवराज माली नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, तो दोनों आरोपियों से खड़े होते नहीं बन रहा था और दोनों लंगड़ाते हुए चलते नजर आए थे.
हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि गाजियाबाद के सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड से जोड़कर वायरल हो रहा यह वीडियो असल में मंदसौर की करीब दो महीने पुरानी घटना से जुड़ा है.
Our Sources
Video shared by apna mandsaur instagram account on 8th April 2026
Video report by Darpan Ki Chamak YT account on 8th April 2026
Article Published by Dainik Bhaskar on 8th April 2026
