नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए लभगभ 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियों को अटैच किया है। अटैक की गई प्रॉपर्टियों में रायपुर की कई संपत्तियों समेत गोवा का एक लग्जरी होटल भी शामिल है।
भविष्य में कुछ अन्य प्रॉपर्टियों को भी ईडी जब्त कर सकती है। वहीं ईडी ने इस मामले में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट रायपुर में छठा पूरक अभियोजन शिकायत पत्र भी दाखिल किया है। इस पूरक अभियोजन पत्र में चार और लोगों को आरोपी बनाया गया है जिनके नाम विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर हैं।
ईडी का आरोप है कि कारोबारी विजय भाटिया की ओम साई बेवरेजेस में 52.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जो बेनामी थी। वहीं प्रबीर शर्मा पर सिंडिकेट की ओर से करोड़ों रुपए की नकद को इधर से उधर करने का आरोप है। ईडी के अनुसार अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के द्वारा इस सिंडिकेट का मुख्य रूप से संचालन किया जा रहा था। जबकि कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और डिस्टिलरी संचालक तथा निजी कंपनियों की संदिग्ध भूमिका के बारे में भी पता चला है। ईडी ने पहले प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर की अचल संपत्तियों को जब्त किया है। विकास अग्रवाल इस सिंडिकेट का वित्तीय कामकाज देखता था। रायपुर स्थित ढेबर सिटी होम्स के कई प्लॉट तथा विभिन्न शेल कंपनियों के माध्यम से खरीदी गई पांच प्रॉपर्टी जब्त की गई हैं।
वहीं दूसरे प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत एक्शन लेते हुए ईडी ने गोवा के लग्जरी होटल "वेस्टिन गोवा" को कुर्क किया है। अंजुना बीच के पास स्थित यह होटल पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है और राहुल अग्रवाल तथा विजय कुमार अग्रवाल का नाम इसके निदेशकों में शामिल है। आरोप है कि इस होटल को लगभग 110 करोड़ रुपए में खरीदा गया था और यह पूरी राशि शराब घोटाले से प्राप्त अवैध नकदी से चुकाई गई थी।

