नई दिल्ली। सड़क पर सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस लोगों का चालान और दंडात्मक कार्रवाई करती है, लेकिन रक्षाबंधन के पावन पर्व पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ईस्टर्न रेंज ने कानून का पालन कराने के साथ ही संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
रक्षाबंधन के दिन यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कुछ वाहन चालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जगह ईस्टर्न रेंज दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने फूल और गुलदस्ते देकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह दी। पुलिसकर्मियों ने ऐसे वाहन चालकों से कहा कि खुद और दूसरों की सुरक्षा के लिए भविष्य में नियमों का उल्लंघन न करें। लोनी गोल चक्कर पर टीआई विकास पंवार के नेतृत्व में ये काम ईस्टर्न रेंज दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने किया।
ट्रैफिक पुलिस का मानवीय रुख देख वाहन चालक भावुक हुए। कई लोगों ने पुलिस की खूब सराहना की और भविष्य में हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात के अन्य नियमों के पालन का भरोसा दिलाया। टीआई नंद नगरी सर्किल में पुलिस के इस कदम से सकारात्मक माहौल बना। जो कि दिल को छूने वाला भी था। आम तौर पर ट्रैफिक पुलिस को लोग चालान और कार्रवाई करने वाले के तौर पर जानते हैं, उसी पुलिस ने रक्षाबंधन पर 'फूल दो, दिल जीतो और नियम मनवाओ' का अंदाज अपनाया। इसकी लोगों ने चर्चा भी की। ईस्टर्न रेंज पुलिस ने रक्षाबंधन पर फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस के उस संदेश को जमीन पर उतारा कि प्रेम और अपनापन भी सुधार का जरिया बन सकता है। उस तरह कानून के साथ संवेदनशीलता और इंसानियत भी उतनी ही जरूरी है। इस पहल की लोगों ने तारीफ की और कहा कि ऐसे सकारात्मक कदम आम लोगों और पुलिस के बीच भरोसा और अपनापन बढ़ाने में खास भूमिका निभाते हैं।
इस कदम के बारे में ईस्टर्न रेंज की डीसीपी ट्रैफिक श्वेता सिंह चौहान ने कहा कि हर बहन के लिए उसका भाई दुनिया का सबसे बड़ा गहना होता है। उन्होंने कहा कि बहनों के प्रेम और त्योहार के लिए उन सभी भाइयों को रक्षाबंधन पर प्रण लेना चाहिए कि वे यातायात के नियमों का पालन करेंगे। ताकि किसी प्रकार की कोई दुर्घटना या अनहोनी न हो। डीसीपी श्वेता सिंह चौहान ने कहा कि हम सिर्फ चालान काटकर या अन्य किसी तरह से दंडात्मक कार्रवाई करने के अलावा प्यार और सम्मान सहित वाहन चालकों को समझाने की कोशिश करते हैं।

