तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। खामेनेई के शव को राजधानी तेहरान से ईरान के कोम शहर ले जाया जा रहा है। अली खामेनेई का शव 7 जुलाई को शियाओं के प्रमुख धार्मिक केंद्र कोम पहुंचेगा।
जहां कई कार्यक्रम होंगे। कोम के बाद ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने से पहले कई और पवित्र शहरों में ले जाने की तैयारी की गई है।
कोम के बाद खामेनेई के शव को शिया समुदाय के एक और प्रमुख पवित्र शहर नजफ भी ले जाया जाएगा। नजफ शहर इराक में है। यहां इमाम अली की दरगाह है। जहां से खामेनेई के पार्थिव शरीर की सार्वजनिक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। नजफ से खामेनेई के शव को इराक के ही कर्बला ले जाया जाएगा। यहां शियाओं के इमाम हुसैन और उनके भाई हजरत अब्बास के दरगाह हैं। इराक के नजफ और कर्बला के बाद अयातुल्लाह अली खामेनेई के शव को ईरान वापस लाया जाएगा। जहां उनको गृह जिले मशहद ले जाया जाएगा और 9 जुलाई को इमाम रजा के परिसर में दफनाया जाएगा। ये भी शिया समुदाय के पवित्र शहरों में से एक है।
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर बमबारी शुरू की थी। पहले दिन ही इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ईरान की राजधानी तेहरान में खामेनेई के आवास समेत तमाम अहम ठिकानों पर बम बरसाए थे। इजरायल की ओर से अचानक हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई को जान गंवानी पड़ी थी। जबकि, उनके बेटे और ईरान के मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे। मोजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार के मौके पर भी अब तक नहीं दिखे हैं। हो सकता है कि खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के वक्त वो भी कब्र पर मिट्टी डालने पहुंचें। ईरान को अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत से बड़ा झटका लगा है। ईरान में इस्लामी क्रांति करने वाले सैयद रुहोल्लाह मुसावी खुमैनी के बाद वो देश के दूसरे सुप्रीम लीडर बने थे।

