चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के वित्त मंत्री मेरी विल्सन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वो इंग्लैंड के राजा नहीं, जो कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से छूट मांग सकें। मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस लक्ष्मीनारायणन ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम पद पर रहते हुए भी पीवी नरसिम्हा राव कोर्ट में पेश हुए थे।
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि कानून से ऊपर नहीं हैं।
मद्रास हाईकोर्ट ने सवाल किया कि जब मेरी विल्सन मंत्री का पद संभालने से पहले कोर्ट में पेश हो चुके हैं, तो क्या वो अब वहां पेश होने से इनकार कर सकते हैं? कोर्ट ने टीवीके सरकार के मंत्री के वकील से कहा कि वो पुदुचेरी के संबंधित कोर्ट को वो तारीख बताएं, जब मेरी विल्सन वहां पेश होंगे। मेरी विल्सन के वकील ने इस पर मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि मामले में नई चार्जशीट दाखिल हुई है। उन्होंने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि तमिलनाडु सरकार के मंत्री 31 अगस्त के बाद पुदुचेरी के कोर्ट में पेश होंगे। मद्रास हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए विल्सन के वकील ने याचिका वापस लेने की मंजूरी मांगी। जो कोर्ट ने दी।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री मेरी विल्सन पर साल 2022 में अपने भाई और भाभी से मारपीट का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि 8 अगस्त को विल्सन जबरन भाई के घर में घुसे थे। वहां विवाद के बाद मारपीट की। विल्सन ने इस मामले में पुदुचेरी के कोर्ट में पेश न होने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। विल्सन के वकील ने हाईकोर्ट में तर्क दिया था कि तमिलनाडु विधानसभा का सत्र चल रहा है। इस वजह से मंत्री को पुदुचेरी के कोर्ट में पेशी से छूट दी जाए। कोर्ट ने विल्सन के वकील की ये दलील मानने से साफ इनकार कर दिया। अब विल्सन को पुदुचेरी के कोर्ट में पेश होकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

