वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान पर सबसे भीषण हमला नहीं कराएंगे। ट्रंप ने पहले धमकी दी थी कि ईरान पर ऐसा भीषण हमला होने वाला है, जैसा दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब तक नहीं देखा गया।
अब ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर दावा किया है कि उनका देश ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन इस्लामी मुल्क और पश्चिम एशिया के अन्य देशों की तरफ से समझौते के दायरे पर सहमति के संदेश के बाद ये हमला रोकने का फैसला किया है।
ट्रंप ने लिखा है कि ईरान से संभावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह खोलना और उसके परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा है कि दुनिया के हित और समृद्ध ईरान के भविष्य को ध्यान में रख उन्होंने बड़ी सैन्य कार्रवाई न करने पर रजामंदी जताई है। ट्रंप ने कहा कि हमला रोका है, लेकिन जल्द समझौता होना चाहिए। उन्होंने ये दावा भी किया है कि इजरायल भी इस प्रतिबद्धता में साथ है। हालांकि, इजरायल ने ट्रंप के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। खबर लिखे जाने तक ईरान की ओर से भी ट्रंप के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी से जमकर जंग हुई थी। दोनों देशों के बीच 39 दिन तक जंग छिड़ी रही। जिसके बाद ट्रंप ने अपनी तरफ से सीजफायर का एलान किया था। इसके बाद ईरान और अमेरिका ने शांति समझौते के एमओयू पर दस्तखत भी किए, लेकिन अचानक ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर हमले शुरू कर दिए। बदले में अमेरिकी सेना ने भी ईरान में फिर बमबारी चालू की। इसके बाद से ट्रंप और ईरान के बीच बयानों की जंग भी शुरू हो गई। बीते दिनों जब ट्रंप ने धमकी दी कि ईरान पर ऐसा हमला करेंगे कि वो पछताएगा, तो इस्लामी देश ने पलटवार करते हुए कहा कि वो पूरी तरह तैयार है और अमेरिका के हमलों का सटीक और जोरदार जवाब दिया जाएगा।

