वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप के दौर में अमेरिका लगातार भारत के प्रति दोहरा मापदंड अपनाता दिख रहा है। एक तरफ ट्रंप कहते हैं कि भारत और पीएम नरेंद्र मोदी उनके दोस्त हैं। ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता तय होने पर खुशी भी जताई थी, लेकिन अब ट्रंप प्रशासन के अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि दफ्तर यानी यूएसटीआर ने भारत को उन देशों की लिस्ट में रखा है, जिनपर उसने अनुचित व्यापार प्रथा और जबरन श्रम से बने उत्पादों को निर्यात करने का आरोप लगाया है।
यूएसटीआर ने भारत समेत इन सभी देशों पर 10 से 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है।
यूएसटीआर ने धारा 301 के तहत 60 जांच किए। इन जांच के नतीजे जारी करते हुए भारत समेत 54 देशों पर जबरन श्रम से उत्पाद तैयार करने और इनके निर्यात को रोकने के लिए कदम न उठाने का आरोप लगाया गया है। यूएसटीआर का कहना है कि जबरन श्रम से बने उत्पाद दुनियाभर के बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। जिसकी वजह से अमेरिका की कंपनियों और श्रमिकों को नुकसान पहुंचता है। यूएसटीआर के मुताबिक अगर अमेरिका से कारोबार करने वाले इस मामले में ठीक से कार्रवाई नहीं करते, तो उनके खिलाफ वो कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। ताकि अमेरिका के घरेलू उद्योगों को सुरक्षा दी जा सके।
यूएसटीआर की लिस्ट में भारत के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान, बांग्लादेश का भी नाम है। ये सभी देश बड़े पैमाने पर अपने उत्पाद अमेरिका को भेजते हैं। अमेरिका में 1974 में पास व्यापार संबंधी कानून में धारा 301 है। जो अमेरिका के हितों के खिलाफ काम करने वाले दूसरे देशों की जांच का अधिकार यूएसटीआर को देता है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर यूएसटीआर इन देशों पर जवाबी कार्रवाई की सिफारिश करता है। जिसके बाद अमेरिका की सरकार उस देश पर कार्रवाई करती है। अब देखना है कि यूएसटीआर की सिफारिश पर ट्रंप प्रशासन भारत के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लगाता है या नहीं। क्योंकि अतिरिक्त टैरिफ लगाने से भारत से व्यापार समझौते में भी रोड़ा अटक सकता है।

