नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद पर गाजियाबाद में सूर्या चौहान नाम के 17 साल के नाबालिग की हत्या मामले में बहुत सी सख्त शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी, ये कतई स्वीकार्य नहीं होगा।
अगर कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, तो समझो कि वो गलती कर रहा है। याद रखना हमारी संवेदना सामान्य नागरिकों के प्रति है। हम सबको इस बात को ध्यान में रखना होगा कि अहिंसा और करुणा यह मानवता के भूषण हैं किंतु शस्त्र उठाना होगा अगर सामने खरभूषण हैं।
योगी ने मौलाना और मौलवियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं, सिखों, जैनियों और बौद्धों पर अत्याचार हो रहे थे तब उनका मुंह बंद था लेकिन जब मोदी जी ने इन पीड़ित लोगों के हित के लिए कानून बनाया तो इन्होंने उस कानून का विरोध किया जबकि उसमें ऐसा कहीं नहीं लिखा था कि सरकार मुसलमानों की जमीन लेगी लेकिन मुसलमानों ने उसका विरोध किया। उनका कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो, गाय पशु नहीं, गाय तो हमारी माता है और उसके साथ हमारा जन्म जन्मांतर का नाता है। गोमाता के महत्व को तुम क्या समझ पाओगे।
यूपी सीएम बोले, ये लोग जो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए ज्ञापन दे रहे हैं, मैंने कहा, ज्ञापन मत दो अपने उन शोहदों को समझाओ, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बकरीद के दिन गोमाता का चित्र लगा रहे थे, नहीं तो वो दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों को भूमि के मालिकाना हक का अधिकार पत्र सौंपते हुए बिजनौर में योगी ने कहा, पाकिस्तान की मजहबी कट्टरता ने निर्दोष हिंदुओं और सिखों का कत्लेआम किया था, आज चौथी पीढ़ी में ये अवसर आया है, जब हम इन सभी विस्थापित परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना अधिकार दे रहे हैं।

