Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Aligarh Dog Cruelty Case: मादा कुत्ते के दोनों पैर तोड़ने का आरोप, दो लोगों पर एफआईआर दर्ज

Aligarh Dog Cruelty Case: मादा कुत्ते के दोनों पैर तोड़ने का आरोप, दो लोगों पर एफआईआर दर्ज

Newstrack 1 week ago

Aligarh Dog Cruelty Case: जनपद अलीगढ़ में एक सामुदायिक मादा कुत्ते के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो ग्रामीणों ने कुत्ते पर हमला कर उसके दोनों पिछले पैर तोड़ दिए।

घटना का वीडियो सामने आने और पशु अधिकार संगठन के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार यह घटना 13 मई को गभाना थाना क्षेत्र के पिफलौद गांव में हुई थी। आरोप है कि गांव के दो लोगों ने एक मादा कुत्ते पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसके दोनों पिछले पैरों में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद आरोपियों द्वारा गांव के कुछ लोगों को इसकी जानकारी दिए जाने पर कुत्ते की देखभाल करने वाली स्थानीय पशु प्रेमी आशा सिसौदिया ने उसकी तलाश शुरू की।

कुछ समय बाद घायल कुत्ता डीपीएस स्कूल के पास गंभीर अवस्था में मिला। उसे तत्काल उपचार के लिए एक निजी पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई। वर्तमान में कुत्ता चिकित्सकीय निगरानी में है और उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

मामले की जानकारी मिलने पर पशु अधिकार संगठन PETA India ने स्थानीय संस्था जीव दया फाउंडेशन की संस्थापक आशा सिसौदिया के साथ मिलकर पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद गभाना थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर बिलू जाटव और पप्पू जाटव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज की है। बीएनएस की धारा 325 के तहत किसी पशु को मारने, जहर देने, अपंग करने या गंभीर क्षति पहुंचाने जैसे कृत्य संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं, जिनमें कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

पेटा इंडिया की क्रूरता प्रतिक्रिया इकाई की एसोसिएट मैनेजर सलोनी सकारिया ने कहा कि पशुओं के प्रति हिंसा की घटनाओं की सूचना पुलिस को देना बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे समाज में यह संदेश जाएगा कि पशुओं के साथ क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि पशुओं के प्रति हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newstrack Journalism Hindi