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अंडमान-निकोबार: समुद्र, इतिहास और प्रकृति के अद्भुत द्वीपों की रोमांचकारी यात्रा

अंडमान-निकोबार: समुद्र, इतिहास और प्रकृति के अद्भुत द्वीपों की रोमांचकारी यात्रा

Newstrack 1 month ago

Andaman Nicobar Travel Tourism: अंडमान-निकोबार की यात्रा किसी साधारण पर्यटन यात्रा की तरह नहीं होती। जैसे ही विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुँचता है और नीचे गहरे नीले समुद्र के बीच बिखरे हरे-भरे द्वीप दिखाई देने लगते हैं, उसी क्षण मन को महसूस होने लगता है कि हम भारत के किसी अलग ही संसार में प्रवेश कर रहे हैं।

यहाँ की हवा में समुद्र की नमी है, आसमान अधिक खुला लगता है और प्रकृति का रंग मानो कुछ ज्यादा ही गाढ़ा दिखाई देता है। पोर्ट ब्लेयर में उतरते ही लगता है जैसे शहर नहीं बल्कि समुद्र के बीच बसे किसी शांत द्वीप पर आ गए हों, जहाँ हर दिशा में पानी, हर ओर हरियाली और हर चेहरे पर एक धीमी-सी मुस्कान दिखाई देती है।

अंडमान की यात्रा का पहला पड़ाव अक्सर सेल्युलर जेल होता है। यह स्थान केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं बल्कि भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष का जीवित साक्ष्य है। जब कोई व्यक्ति उस विशाल जेल परिसर में प्रवेश करता है और उन संकरी कोठरियों को देखता है जहाँ कभी देश के महान क्रांतिकारी कैद रहे थे, तो मन अनायास ही गंभीर हो उठता है। दीवारों पर पड़ी पुरानी ईंटें मानो उस दौर की पीड़ा और संघर्ष की कहानी कहती हैं। शाम के समय होने वाला लाइट-एंड-साउंड शो उस इतिहास को और जीवंत कर देता है, जब आवाजों और रोशनी के माध्यम से वीर सावरकर और अन्य क्रांतिकारियों की कहानी सुनाई जाती है। समुद्र की लहरों के बीच खड़ी यह जेल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की कीमत का स्मरण कराती है।

पोर्ट ब्लेयर से कुछ ही दूरी पर स्थित रॉस द्वीप (अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप) प्रकृति और इतिहास का अनोखा संगम है। कभी यह अंग्रेजों का प्रशासनिक मुख्यालय हुआ करता था, लेकिन आज यहाँ खंडहरों के बीच उगी विशाल जड़ों वाले पेड़ दिखाई देते हैं जो पुराने भवनों को अपने भीतर समेट चुके हैं। ऐसा लगता है जैसे प्रकृति धीरे-धीरे इतिहास को अपने में समेट रही हो। समुद्र के किनारे बने पुराने चर्च, अधिकारियों के बंगले और परित्यक्त इमारतें अब एक शांत स्मृति की तरह खड़ी हैं। द्वीप पर घूमते हिरण और मोर इस जगह को और भी रहस्यमय बना देते हैं।

अंडमान के समुद्री सौंदर्य का असली अनुभव तब शुरू होता है जब यात्रा हैवलॉक द्वीप (स्वराज द्वीप) की ओर बढ़ती है। समुद्र के बीच नाव से जाते समय चारों ओर फैला नीला पानी ऐसा लगता है जैसे अनंत तक फैला हो। हैवलॉक का राधानगर बीच दुनिया के सबसे सुंदर समुद्र तटों में गिना जाता है। यहाँ की रेत इतनी सफेद और मुलायम है कि उस पर चलते हुए पैरों को ठंडक का अहसास होता है। सामने फैला पारदर्शी समुद्र और पीछे खड़े घने जंगल इस जगह को एक अद्भुत प्राकृतिक दृश्य में बदल देते हैं। सूर्यास्त के समय जब सूरज धीरे-धीरे समुद्र में उतरता है और आसमान नारंगी रंग में बदल जाता है, तो यह दृश्य लंबे समय तक स्मृति में बना रहता है।

हैवलॉक के पास स्थित एलीफेंट बीच समुद्री रोमांच के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ समुद्र इतना साफ है कि पानी के भीतर तक दिखाई देता है। स्नॉर्कलिंग और समुद्री गतिविधियों के दौरान रंग-बिरंगी मछलियाँ और कोरल रीफ बिल्कुल पास से दिखाई देते हैं। समुद्र के भीतर की यह दुनिया इतनी जीवंत है कि लगता है जैसे किसी विशाल प्राकृतिक एक्वेरियम में प्रवेश कर गए हों। कई जगह पानी के भीतर टूटे कोरल के ढेर भी दिखाई देते हैं जो समुद्री पारिस्थितिकी की नाजुकता की याद दिलाते हैं।

अंडमान का एक और सुंदर द्वीप है नील द्वीप (शहीद द्वीप)। यह द्वीप हैवलॉक की तुलना में अधिक शांत और सरल है। यहाँ का भारतपुर बीच अपने साफ पानी और कोरल रीफ के लिए जाना जाता है। वहीं लक्ष्मणपुर बीच सूर्यास्त देखने के लिए बेहद लोकप्रिय है। इस द्वीप का सबसे अद्भुत प्राकृतिक दृश्य है नेचुरल ब्रिज, जो समुद्र की लहरों द्वारा वर्षों में बनी एक विशाल चट्टानी मेहराब है। जब समुद्र की लहरें इस प्राकृतिक पुल के नीचे से गुजरती हैं तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने स्वयं अपनी कला का एक भव्य नमूना बना दिया हो।

अंडमान की यात्रा में नॉर्थ बे द्वीप भी अत्यंत आकर्षक है। यह वही स्थान है जिसका प्रकाशस्तंभ भारतीय बीस रुपये के नोट पर दिखाई देता है। यहाँ से समुद्र के भीतर की दुनिया देखने के लिए ग्लास-बॉटम बोट, स्नॉर्कलिंग और अन्य गतिविधियाँ होती हैं। पारदर्शी पानी में नीचे फैले कोरल और रंगीन मछलियाँ समुद्र की जीवंत जैव विविधता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती हैं।

पोर्ट ब्लेयर के पास स्थित माउंट हैरियट अंडमान के सबसे ऊँचे स्थानों में से एक है। यहाँ पहुँचने पर समुद्र और द्वीपों का जो व्यापक दृश्य दिखाई देता है, वह अत्यंत मनोहारी होता है। पहाड़ी की चोटी से नीचे फैले समुद्र और दूर-दूर तक बिखरे द्वीपों को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी विशाल मानचित्र को ऊपर से देख रहे हों। यहाँ की ठंडी हवा और शांत वातावरण मन को एक अलग ही सुकून देते हैं।

इसी तरह बारातांग द्वीप अपने प्राकृतिक रहस्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मैंग्रोव सुरंगों के बीच से नाव की यात्रा और चूना पत्थर की गुफाओं का दृश्य अद्भुत है। मैंग्रोव की जड़ों से घिरे संकरे जलमार्गों में नाव धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और ऐसा लगता है मानो हम किसी रहस्यमयी जंगल के भीतर प्रवेश कर रहे हों। गुफाओं के भीतर बनी प्राकृतिक संरचनाएँ हजारों वर्षों में तैयार हुई हैं और उन्हें देखकर प्रकृति की धीमी लेकिन अद्भुत रचनात्मकता का एहसास होता है।

अंडमान-निकोबार का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि यहाँ प्रकृति अपने सबसे सुंदर और रहस्यमय रूप में दिखाई देती है। कहीं समुद्र का अनंत विस्तार है, कहीं सफेद रेत वाले शांत तट, कहीं घने वर्षावन और कहीं इतिहास के मौन साक्षी। यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की यात्रा नहीं होती, बल्कि यह प्रकृति, इतिहास और रोमांच के साथ एक गहरा संवाद बन जाती है। जो व्यक्ति एक बार इन द्वीपों की यात्रा कर लेता है, उसके मन में समुद्र की वह नीली छवि और द्वीपों की वह हरियाली लंबे समय तक बनी रहती है। अंडमान-निकोबार सचमुच भारत के मानचित्र पर बसा हुआ वह स्वर्ग है जिसे केवल देखा ही नहीं, महसूस भी किया जाता है।

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